Prabhat Vaibhav,Digital Desk : खाड़ी क्षेत्र में जारी महायुद्ध अब सबसे विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया 'विनाशकारी' चेतावनी के जवाब में ईरान ने अब तक की सबसे बड़ी समुद्री कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईरान की सेना ने फारस की खाड़ी में पानी के भीतर चलने वाले ड्रोन्स (Underwater Drones) से हमला कर एक अमेरिकी कंपनी के टैंकर सहित दो विशाल तेल जहाजों को समुद्र में डुबो दिया है। इस हमले के बाद वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारों में दहशत का माहौल है।
बसरा के पास हुआ हमला, धू-धू कर जलते जहाज डूबे
ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, यह भीषण हमला इराक के बसरा के पास समुद्री क्षेत्र में हुआ। ईरानी नौसेना ने पानी के भीतर छिपे 'सुसाइड ड्रोन्स' का इस्तेमाल किया, जिन्होंने सीधे जहाजों के निचले हिस्से को निशाना बनाया।
पहला जहाज: 'सैफेसी विष्णु' (मार्शल आइलैंड्स का ध्वज, अमेरिकी कंपनी सैफेसी ट्रांसपोर्ट का स्वामित्व)।
दूसरा जहाज: 'ज़ेफिरोस' (माल्टा का ध्वज, ग्रीस का स्वामित्व)।
इस हमले में एक क्रू मेंबर की मौत की दुखद खबर है, जबकि 38 अन्य सदस्यों को रेस्क्यू कर लिया गया है। ईरान ने इस हमले की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए इसे अमेरिका के लिए एक 'सबक' बताया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना 'मौत का जाल'
ईरान ने पहले ही खुलेआम चेतावनी दी थी कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले अमेरिका, इजरायल या उनके सहयोगियों के किसी भी जहाज को नहीं छोड़ेगा। ईरान का कहना है कि यह हमला उसी चेतावनी का हिस्सा है। बता दें कि यह जलमार्ग दुनिया की 'ऊर्जा नस' है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का 20% हिस्सा गुजरता है। ईरान की इस कार्रवाई से चीन, भारत और जापान जैसे देशों की तेल आपूर्ति पर गहरा संकट मंडराने लगा है।
ट्रंप के 'इतिहास के सबसे बड़े हमले' के दावे की हवा निकली?
इस हमले ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान पर 'इतिहास का सबसे जोरदार' हमला किया है और अब वहां निशाना बनाने के लिए कुछ नहीं बचा है। अमेरिका ने दावा किया था कि उसने ईरान के 16 माइन-लेइंग (बारूदी सुरंग बिछाने वाले) जहाजों को तबाह कर दिया है। लेकिन ईरान द्वारा अंडरवाटर ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर अमेरिकी जहाज को डुबो देना यह दर्शाता है कि ईरान अभी भी जवाबी हमला करने की पूरी क्षमता रखता है।
12वें दिन भी जारी 'एपिक फ्यूरी' और ईरानी मिसाइलें
युद्ध अब अपने 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियान "एपिक फ्यूरी" (Epic Fury) के जवाब में ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में ड्रोन और मिसाइलों की बारिश कर दी है। इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। समुद्री यातायात लगभग ठप होने के कगार पर है, जिससे आने वाले दिनों में दुनिया भर में ईंधन की भारी किल्लत हो सकती है।




