Prabhat Vaibhav,Digital Desk : आमतौर पर यह माना जाता है कि अच्छी नींद के बाद सुबह ताजगी भरी होनी चाहिए। लेकिन क्या आपके साथ कभी ऐसा होता है कि रात को 8 से 9 घंटे की गहरी नींद लेने के बाद भी सुबह आंखें खोलते ही आपका सिर भारी लगता है या तेज सिरदर्द होने लगता है? अगर हां, तो इसे सामान्य बात समझकर नज़रअंदाज़ न करें। लोग अक्सर मौसम या थकान जैसे बहाने बनाकर इसे टाल देते हैं, लेकिन यह आपके शरीर का एक गंभीर संकेत हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह होने वाला सिरदर्द हमारी जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ छिपी हुई समस्याओं का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं इस समस्या के पीछे के 6 मुख्य कारण।
1. ज़रूरत से ज़्यादा सोना: आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि ज़रूरत से ज़्यादा सोना उतना ही हानिकारक है जितना कि ज़रूरत से कम सोना। जब आप ज़रूरत से ज़्यादा सोते हैं, तो मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर का संतुलन बिगड़ जाता है। छुट्टियों के दौरान देर से सोने पर यह समस्या और भी बढ़ जाती है, जिसे वीकेंड हेडेक भी कहा जाता है।
2. निर्जलीकरण: रात भर शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। दिन में पर्याप्त पानी न पीने से सुबह तक मस्तिष्क और शरीर में पानी की कमी हो जाती है। निर्जलीकरण के कारण मस्तिष्क थोड़ा सिकुड़ जाता है और नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे सिरदर्द होता है।
3. स्लीप एपनिया: यह एक गंभीर समस्या है। इसमें सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार रुक जाती है, जिसके कारण मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। यदि आप रात में जोर से खर्राटे लेते हैं और सुबह सिरदर्द के साथ उठते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
4. दांत पीसने की आदत (ब्रक्सिज्म): तनाव के कारण कई लोग अनजाने में नींद में अपने दांत पीसते हैं या जबड़े को भींचते हैं। इससे जबड़े की मांसपेशियों और स्नायुबंधन पर दबाव पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप सुबह सिरदर्द होता है।
5. तकिया और सोने की मुद्रा (गलत तकिया): यदि आपका तकिया बहुत ऊंचा या बहुत सख्त है, तो यह आपकी गर्दन पर दबाव डालता है। गर्दन और सिर की मांसपेशियों में अकड़न के कारण सुबह दर्द होता है। सही मुद्रा और आरामदायक तकिया चुनना महत्वपूर्ण है।
6. तनाव और चिंता: आपका मानसिक स्वास्थ्य सीधे तौर पर आपकी नींद से जुड़ा है। अवसाद और चिंता से ग्रस्त लोगों में सुबह सिरदर्द होना आम बात है। तनाव गहरी नींद में बाधा डालता है और मस्तिष्क को पर्याप्त आराम नहीं मिलने देता।
राहत पाने के सरल उपाय:
नियमित दिनचर्या: छुट्टियों में भी सोने और जागने का एक निश्चित समय रखें।
हाइड्रेशन: रात को सोने से पहले और सुबह उठते ही एक गिलास पानी पिएं।
व्यायाम: हल्का व्यायाम और योग तनाव को कम करते हैं और बेहतर नींद को बढ़ावा देते हैं।
गैजेट का इस्तेमाल न करें: सोने से 1 घंटा पहले मोबाइल या टीवी देखना बंद कर दें।




