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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : आज के दौर में फिट रहने की होड़ में लोग 'प्राकृतिक' और 'हर्बल' के टैग वाले सप्लीमेंट्स पर आंख मूंदकर भरोसा कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना डॉक्टर की सलाह के लिए गए ये सप्लीमेंट्स आपके शरीर के दो सबसे महत्वपूर्ण अंगों— लिवर और किडनी— को स्थायी रूप से डैमेज कर सकते हैं? 15 फरवरी 2026 को सामने आई मेडिकल रिपोर्ट्स ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि बाजार में मिलने वाले कई लोकप्रिय सप्लीमेंट्स वास्तव में 'धीमे जहर' का काम कर रहे हैं।

1. ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट (Green Tea Extract): सेहत नहीं, लिवर में सूजन की वजह

अक्सर वजन घटाने और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए लोग ग्रीन टी की गोलियां (Capsules) लेते हैं। लेकिन अध्ययन बताते हैं कि ग्रीन टी के अर्क में मौजूद कैटेचिन (Catechins) की उच्च सांद्रता लिवर में गंभीर सूजन पैदा कर सकती है। साधारण चाय पीना सुरक्षित है, लेकिन इसका 'कंसंट्रेटेड' अर्क लिवर की कोशिकाओं को नष्ट कर सकता है।

2. हाई प्रोटीन पाउडर (Protein Powder): किडनी पर बढ़ता अतिरिक्त बोझ

बॉडीबिल्डिंग के शौकीन युवाओं में प्रोटीन पाउडर का चलन बढ़ा है। हालांकि, लंबे समय तक इसकी अत्यधिक मात्रा लेने से शरीर में नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट बढ़ जाता है। इसे बाहर निकालने के लिए किडनी को सामान्य से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। विशेष रूप से क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के मरीजों के लिए यह डायलिसिस की नौबत ला सकता है।

3. विटामिन की ओवरडोज (Vitamin A, D, E, K)

कई लोग मल्टीविटामिन को टॉफी की तरह खाते हैं। शरीर में विटामिन ए, डी, ई और के जैसे 'फैट सॉल्यूबल' विटामिन जमा होते रहते हैं। विटामिन ए की अधिकता लिवर को जहरीला बना सकती है, जबकि विटामिन डी और ई का असंतुलन किडनी की कार्यक्षमता को सीधे प्रभावित करता है।

4. आयरन सप्लीमेंट्स (Iron Supplement): अंगों में जंग जैसा खतरा

बिना ब्लड टेस्ट कराए आयरन की गोलियां लेना खतरनाक है। शरीर में जरूरत से ज्यादा आयरन लिवर में जमा होने लगता है, जिसे 'हेमोक्रोमैटोसिस' कहते हैं। यह स्थिति लिवर सिरोसिस और ऑर्गन फेलियर का कारण बन सकती है।

5. वजन घटाने वाली गोलियां (Fat Burners)

गार्सिनिया कंबोजिया (Garcinia Cambogia) और अन्य 'फैट बर्नर' गोलियां अक्सर लिवर टॉक्सिसिटी से जुड़ी पाई गई हैं। इनमें कई बार छिपे हुए केमिकल होते हैं जो लिवर के मेटाबॉलिज्म को बुरी तरह बिगाड़ देते हैं और शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव बढ़ाते हैं।

6. मुलेठी और हर्बल दवाएं (Liquorice & Herbal Meds)

भले ही मुलेठी प्राकृतिक है, लेकिन इसमें मौजूद ग्लाइसीरिज़िन रक्तचाप (BP) को तेजी से बढ़ा सकता है और पोटेशियम के स्तर को कम कर सकता है। यह स्थिति किडनी के रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इसी तरह कॉम्फ्रे और ब्लैक कोहोश जैसी जड़ी-बूटियां लिवर के लिए जहरीली मानी जाती हैं।

7. डिटॉक्स सप्लीमेंट्स (Detox Pills)

तथाकथित 'बॉडी क्लीनिंग' या डिटॉक्स गोलियां अक्सर किडनी के फिल्ट्रेशन सिस्टम पर दबाव डालती हैं। ये सप्लीमेंट्स शरीर को साफ करने के बजाय अंगों में सूजन और ऑक्सीडेटिव डैमेज का कारण बनते हैं।