Prabhat Vaibhav,Digital Desk : डायबिटीज यानी मधुमेह के रोगियों के बीच अक्सर इस बात को लेकर भ्रम रहता है कि वे मीठे फल खा सकते हैं या नहीं। अक्सर 'एक सेब रोज खाओ और डॉक्टर को दूर भगाओ' वाली कहावत तो हम सबने सुनी है, लेकिन क्या यह नियम शुगर के मरीजों पर भी लागू होता है? 13 फरवरी 2026 को सामने आई ताजा स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, सेब मधुमेह रोगियों के लिए न केवल सुरक्षित है, बल्कि कई मायनों में फायदेमंद भी है, बशर्ते उसे सही तरीके से खाया जाए।
लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स: शुगर कंट्रोल करने में मददगार
सेब में प्राकृतिक शर्करा (Fructose) होती है, लेकिन इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) काफी कम होता है। कम GI वाले खाद्य पदार्थ रक्त में ग्लूकोज के स्तर को अचानक नहीं बढ़ाते। इसके अलावा, सेब में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो शुगर के अवशोषण (Absorption) की गति को धीमा कर देता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल स्थिर रहता है।
फाइबर का जादू: छिलके सहित खाना है जरूरी
सेब का असली फायदा उसके छिलके में छिपा होता है। छिलके में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है और शरीर में इंसुलिन के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। फाइबर के कारण पेट देर तक भरा रहता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है—जो डायबिटीज के मैनेजमेंट के लिए बेहद जरूरी है।
जूस या साबुत फल? कौन सा है बेहतर विकल्प?
डॉक्टरों और पोषण विशेषज्ञों की मानें तो मधुमेह रोगियों को कभी भी सेब का जूस नहीं पीना चाहिए। जूस निकालने से उसका फाइबर खत्म हो जाता है और शुगर की सांद्रता बढ़ जाती है। इसकी जगह साबुत सेब खाना कहीं अधिक सुरक्षित और फायदेमंद है। खाली पेट एक साथ बहुत अधिक सेब खाने से बचें, क्योंकि इससे शुगर में हल्का उतार-चढ़ाव हो सकता है।
लाल या हरा सेब: डायबिटीज में कौन सा चुनें?
अगर विकल्प की बात करें, तो मधुमेह रोगियों के लिए हरा सेब (Green Apple) लाल सेब की तुलना में अधिक फायदेमंद माना जाता है। हरे सेब में मिठास कम और फाइबर की मात्रा अधिक होती है। सेब को अकेले खाने के बजाय उसे कुछ मेवों (Badam or Walnuts) या प्रोटीन के साथ खाने से शुगर स्पाइक का खतरा और भी कम हो जाता है।
कितनी मात्रा है सुरक्षित?
सेब सेहतमंद है, इसका मतलब यह नहीं कि इसे असीमित मात्रा में खाया जाए। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार:
एक मधुमेह रोगी को दिनभर में आधा या एक छोटा सेब ही खाना चाहिए।
बेहतर होगा कि आप इसे 'मिड-डे स्नैक' के रूप में दोपहर के भोजन से पहले लें।




