Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के दरभंगा जिले में तेज़ शीतलहर और कड़काती ठंड का असर जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। न्यूनतम तापमान में गिरावट के साथ घना कोहरा और शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और रोज़मर्रा के कामकाज पर असर पड़ा है।
स्कूलों को बंद करने का प्रशासनिक फैसला
दरभंगा जिले में प्रशासन ने कक्षा-1 से 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को ठंड के कारण बंद रखने का आदेश दिया है। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर उठाया गया है क्योंकि सुबह और देर शाम तापमान बहुत कम रह रहा है और घना कोहरा स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना रहा है।
इस निर्णय के तहत प्री-स्कूलिंग और नर्सरी से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई स्थगित रखी गई है, ताकि जोखिम से बचा जा सके। कुछ जिलों में कक्षा-9 और उससे ऊपर के छात्रों के लिए विशेष समय सीमाओं के बीच पढ़ाई जारी रहने की छूट दी जा सकती है, मगर प्राथमिक स्तर पर स्कूलों को बंद रखने का आदेश प्रमुख रूप से बच्चों की सुरक्षा के लिए ही लिया गया है।
कोहरा-ठंड का असर और प्रशासन की तैयारियाँ
दरभंगा में घना कोहरा और गिरता तापमान जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। शहर के कई इलाकों में लोग सुबह-शाम घरों से बाहर कम निकल रहे हैं, जबकि थैलीदारो, मजदूरों और बुजुर्गों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में खांसी, बुखार और सर्दी-जुड़ी शिकायतों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा है।
जिला प्रशासन और नगर निगम को मुख्य चौक-चौराहों पर अलाव जलाने और जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोग ठंड से कुछ हद तक राहत पा सकें। साथ ही, प्रशासन ने यह भी कहा है कि लोग बिना बेहद ज़रूरत बाहर न निकलें और घर में सुरक्षित रहें।
शीतलहर की व्यापक स्थिति और जागरूकता
दरभंगा के अलावा बिहार के कई जिलों में शीतलहर की चपेट में तापमान गिरा है और कई जगह स्कूल बंद और समय में बदलाव जैसे कदम भी उठाए गए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के बड़े हिस्सों में कोल्ड-डे कंडीशंस और कोहरे के साथ चेतावनी जारी की है, जिनके कारण जनजीवन प्रभावित है।
अब प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं पर यह चुनौती है कि ठंड से प्रभावित लोगों को समय पर सहायता और सुरक्षा मिले, ताकि सर्दी के बीच किसी प्रकार के नुकसान से बचा जा सके।




