Prabhat Vaibhav, Digital Desk : पंजाब को दहलाने की एक और बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। शंभू के पास ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक पर हुए बम धमाके के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस ब्लास्ट में विस्फोटक लगाते समय खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह का करीबी जगरूप सिंह मौके पर ही मारा गया, जबकि उसके चार साथियों को पुलिस ने 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे मॉड्यूल के तार सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े हुए हैं।
ब्लास्ट के दौरान उड़े आतंकी के परखच्चे, सांसद के लिए किया था प्रचार
सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे जब जगरूप सिंह रेलवे ट्रैक को उड़ाने के लिए आईईडी (IED) फिट कर रहा था, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना भीषण था कि जगरूप के शरीर के टुकड़े 100 मीटर के दायरे में बिखर गए। जांच में सामने आया है कि मारा गया आतंकी जगरूप सिंह खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह का बेहद करीबी था और उसने लोकसभा चुनाव में अमृतपाल के लिए बढ़-चढ़कर प्रचार भी किया था।
पाकिस्तान और मलेशिया से मिल रहे थे निर्देश, 'बॉडी कैमरे' से होनी थी रिकॉर्डिंग
डीआईजी कुलदीप सिंह चाहल और एसएसपी वरुण शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार किए गए आतंकी—प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह बंगा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह गोपी—'चल्दा वहीर चक्रवर्ती, अटारी' नामक संगठन से जुड़े हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इन्हें पाकिस्तान और मलेशिया में बैठे हैंडलरों ने टास्क दिया था। इनका मकसद न केवल धमाका करना था, बल्कि उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर अपने हैंडलरों को भेजना था ताकि सोशल मीडिया पर दहशत फैलाई जा सके। इसके लिए इनके पास से चाइनीज बॉडी कैमरे भी बरामद हुए हैं।
आटा चक्की और फ्रूट की दुकान बनी थी आतंक का अड्डा
पुलिस की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि तरनतारन के पंजवड़ गांव में एक आटा चक्की और फ्रूट की दुकान की आड़ में देश विरोधी गतिविधियां चल रही थीं। मारे गए आतंकी जगरूप का भाई सतनाम ही आटा चक्की चलाता था। जगरूप सोमवार को अपनी बाइक अमृतसर स्टेशन पर खड़ी कर शंभू पहुंचा था। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक, एक हैंड ग्रेनेड, दो पिस्तौल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
पंजाब के मुख्य रेल मार्ग थे निशाने पर
पकड़े गए आतंकियों का मुख्य लक्ष्य पंजाब के व्यस्त रेल मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर सिलसिलेवार धमाके करना था। जगरूप पंजवड़ गांव का रहने वाला था, जो खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) के कुख्यात आतंकी परमजीत सिंह पंजवड़ का पैतृक गांव है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ यूएपीए (UAPA), आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और इनके अन्य संपर्कों की तलाश की जा रही है।




