Prabhat Vaibhav,Digital Desk : धर्मनगरी हरिद्वार के नगर क्षेत्र को मांस और मदिरा मुक्त बनाए रखने की दिशा में नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से हिंदूवादी संगठनों की मांग और स्थानीय विवादों को देखते हुए अब ज्वालापुर क्षेत्र में संचालित मीट की दुकानों को नगर क्षेत्र से बाहर सराय में शिफ्ट किया जाएगा। नगर निगम बोर्ड ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है और जल्द ही दुकानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी।
68 दुकानें तैयार, जल्द शुरू होगी नीलामी
नगर निगम प्रशासन ने सराय क्षेत्र में 68 दुकानों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। इन दुकानों में बिजली, पानी, फिटिंग और रंग-रोगन का काम संपन्न हो चुका है।
स्थानांतरण: ज्वालापुर और नगर निगम की सीमा के भीतर चल रही मांस-मछली की दुकानों को इन नई दुकानों में शिफ्ट किया जाएगा।
प्रक्रिया: बोर्ड की मंजूरी के बाद अब नगर निगम का संपत्ति विभाग इन दुकानों के आवंटन के लिए सार्वजनिक नीलामी आयोजित करेगा।
अवैध मांस बिक्री पर कड़ा प्रहार: ₹50,000 जुर्माना
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि हरिद्वार नगर क्षेत्र के भीतर मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों को कड़ाई से लागू करने के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है:
दंड: यदि कोई व्यक्ति, प्रतिष्ठान या अन्य स्थान पर कच्चा मांस बेचते या स्टोर करते हुए पाया जाता है, तो उस पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
विरोध: बोर्ड बैठक में पार्षद अहसान अंसारी ने जुर्माने की इस मोटी राशि पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है।
ईद-उल-अजहा (बकरीद) की कुर्बानी को विशेष छूट
मीट की दुकानों की शिफ्टिंग और प्रतिबंध के बीच, नगर निगम ने मुस्लिम समुदाय की धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
पार्षद की मांग: वार्ड 41 के पार्षद अरशद ख्वाजा ने प्रार्थना पत्र देकर मांग की थी कि ज्वालापुर की लगभग दो लाख मुस्लिम आबादी सदियों से ईद-उल-अजहा के अवसर पर तीन दिनों तक कुर्बानी की परंपरा निभाती आ रही है। इसे दुकानों की शिफ्टिंग के नियम से अलग रखा जाए।
प्रशासन का निर्णय: नगर आयुक्त नंदन कुमार ने स्पष्ट किया कि मांस की दुकानों की शिफ्टिंग का विषय अलग है और ईद-उल-अजहा की धार्मिक परंपराओं को इससे अलग रखा जाएगा। यानी बकरीद के दौरान होने वाली कुर्बानी पर यह शिफ्टिंग नियम बाधा नहीं बनेगा।
विवाद का अंत और स्वच्छता पर जोर
ज्वालापुर क्षेत्र में मीट की दुकानों को लेकर अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती थी। सराय में दुकानों के शिफ्ट होने से नगर निगम क्षेत्र की मर्यादा बनी रहेगी और साथ ही विक्रेताओं को एक व्यवस्थित और आधुनिक बाजार मिलेगा। इससे शहर की स्वच्छता और यातायात व्यवस्था में भी सुधार होने की उम्मीद है।




