Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कुमाऊं यूनिवर्सिटी की सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान एक असामान्य स्थिति सामने आई है, जिसमें कई स्नातक विद्यार्थी अपने विषयों और परीक्षा विषयों के बारे में ठीक-ठाक जानकारी रखे बिना परीक्षा हॉल में शामिल हो गए। परिणामस्वरूप कुछ छात्रों को पेपर भी गलत विषय का मिला और उन्हें खुद नहीं पता था कि वे किस विषय की परीक्षा दे रहे हैं। यह हालात परीक्षा प्रक्रिया और तैयारी दोनों की गंभीरता पर सवाल उठाते हैं।
छात्रों के बीच इस तरह की समस्या तब और बढ़ जाती है जब वे कक्षाओं में कम उपस्थित रहते हैं या नियमित रूप से अपना सिलेबस और विषय सूची नहीं समझते हैं। विश्वविद्यालयों का परीक्षा शेड्यूल और सिलेबस आमतौर पर पोर्टल या विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाता है, जिससे छात्र अपनी परीक्षा की तारीख और विषय की पूरी सूची देख सकते हैं।
ऐसी परेशानियों से बचने के लिए छात्रों को नियमित रूप से कक्षा अटेंड करना, डेडलाइन से पहले परीक्षा शेड्यूल देखना और पोर्टल पर दिए गए विवरणों की पुष्टि करना बेहद जरूरी होता है। परीक्षा में विषय की जानकारी भूल जाना या ठीक से जानने में चूक करना न सिर्फ अनावश्यक तनाव पैदा करता है बल्कि अंक-प्राप्ति और परिणाम पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है।
परीक्षा-सम्बंधित जानकारी, शेड्यूल और रोल नंबर आदि को समय-समय पर यूनिवर्सिटी के आधिकारिक पोर्टल या नोटिस बोर्ड से चेक करना चाहिए ताकि इस तरह की स्थितियों से बचा जा सके।




