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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गहराते ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार ने आम जनता और प्रवासी मजदूरों के लिए राहत का पिटारा खोल दिया है। युद्ध की स्थिति को देखते हुए जहां दुनिया भर में रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, वहीं केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को दोगुना करने का क्रांतिकारी निर्णय लिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि देश में ईंधन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

प्रवासी श्रमिकों के लिए वरदान बने 5 किलो के सिलेंडर

सरकार ने सबसे बड़ी राहत उन प्रवासी श्रमिकों को दी है जो काम की तलाश में एक राज्य से दूसरे राज्य जाते हैं। सरकार ने 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (FTL) के तहत मिलने वाले 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की आपूर्ति को अब दोगुना कर दिया है। अब राज्यों में इन सिलेंडरों की दैनिक बिक्री 1,00,000 यूनिट से भी अधिक होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि ये सिलेंडर सीधे तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के माध्यम से राज्य सरकारों के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभागों को सौंपे जाएंगे, ताकि पात्र श्रमिकों तक इनकी पहुंच आसान हो सके।

बिना एड्रेस प्रूफ के मिलेगा कनेक्शन, पीएनजी पर जोर

महानगरों और औद्योगिक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक नई सुविधा दी है। 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर लेने के लिए अब किसी पते के प्रमाण (Address Proof) की आवश्यकता नहीं होगी। इसे निकटतम गैस एजेंसी से बाजार मूल्य पर तुरंत प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ ही, सरकार ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए जनता से अपील की है कि वे पारंपरिक एलपीजी के बजाय पीएनजी (PNG - पाइप वाली प्राकृतिक गैस) कनेक्शन पर विचार करें, ताकि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति बाधाओं का असर रसोई के बजट पर कम पड़े।

एक दिन में 51 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी, रिकॉर्ड बुकिंग

मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 23 मार्च से अब तक 6.6 लाख से अधिक छोटे सिलेंडरों की बिक्री हो चुकी है। सरकार की मुस्तैदी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक ही दिन में देश भर में 51 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडरों की सफल आपूर्ति की गई। वर्तमान में एलपीजी की कुल मांग का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से पूरा किया जा रहा है, जिससे वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है।

कालाबाजारी करने वालों पर गिरी गाज: 36 डीलर निलंबित

आपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्रशासन ने देशव्यापी छापेमारी कर मार्च से अब तक 50,000 से अधिक अवैध सिलेंडर जब्त किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,400 से अधिक एलपीजी वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि 36 डीलरों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि संकट के समय में जनता को परेशान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।