Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड के रुड़की–हरिद्वार क्षेत्र में सक्रिय रहे कुख्यात सुनील राठी गैंग के गुर्गा प्रवीण वाल्मीकि एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अल्मोड़ा जेल में उनके पास से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए हैं। अब जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि वाल्मीकि जेल में बंद रहते हुए किस आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था।
अपराधी गतिविधियों का लंबा इतिहास
प्रवीण वाल्मीकि वर्तमान में हत्या, जमीन कब्जा, रंगदारी और फर्जी दस्तावेजों जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहे हैं। पहले वह कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी के गिरोह से जुड़े थे, बाद में उन्होंने अपना अलग गिरोह बना लिया।
2018 की हत्या: जमीन विवाद को लेकर हुई हत्या ने गैंग की हिंसक प्रवृत्ति को उजागर किया।
फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी: हरिद्वार और रुड़की में जमीन हड़पने, लोगों को धमकाने और जबरन कब्जे की कई शिकायतें सामने आईं।
संपत्ति कब्जा: इन मामलों में करोड़ों रुपये की संपत्ति पर अवैध कब्जे के आरोप हैं।
राजनीतिक और पुलिस संरक्षण के आरोप
उत्तराखंड एसटीएफ ने गैंग के कई सक्रिय सदस्यों और सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी पता चला कि गैंग को राजनीतिक और पुलिस स्तर पर संरक्षण मिलने के आरोप हैं। कुछ मामलों में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई, जिस पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की गई।
अगला कदम:
अल्मोड़ा जेल में पाए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच जारी है। इससे यह पता चलेगा कि वाल्मीकि जेल में रहते हुए किस आपराधिक गतिविधि की साजिश रच रहे थे।




