Prabhat Vaibhav,Digital Desk : शीतलहर और घने कोहरे से जूझ रहे शहरवासियों को अब प्रदूषण की गंभीर समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि अब केवल सुबह और रात ही नहीं, बल्कि दोपहर के समय भी हवा की गुणवत्ता तेजी से खराब हो रही है। पल्लवपुरम और जयभीम नगर जैसे इलाकों में दोपहर 12 बजे के बाद पीएम 2.5 का स्तर करीब 350 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।
मौसम में फिलहाल राहत के संकेत नहीं
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश और बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से कोल्ड डे जैसी स्थिति बन रही है। ठंडी हवाओं का असर अभी भी बना हुआ है और रात व सुबह के समय कई इलाकों में घना कोहरा देखने को मिल रहा है।
तापमान में उतार-चढ़ाव से बढ़ी परेशानी
गुरुवार को न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब घना कोहरा छाता है, तब न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर होती है, लेकिन ठंड का असर कम नहीं होता। पिछले चार दिनों से न्यूनतम तापमान लगातार पांच डिग्री से नीचे बना हुआ था, जिससे शीतलहर ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
ठंडी हवाएं और स्वास्थ्य पर असर
शाम ढलते ही तेज ठंडी हवाएं लोगों को बेहाल कर रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इस तरह की ठंड में ब्लड प्रेशर बढ़ने और हार्ट अटैक का खतरा अधिक हो जाता है। रात में खुले में रहने या ठंडी हवा के संपर्क में आने से हाथ-पैर की उंगलियां सुन्न होने लगी हैं। हालात ऐसे हैं कि कई मैदानी शहरों का तापमान हिल स्टेशनों से भी नीचे चला गया है। इसलिए विशेषज्ञ शाम के बाद अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता
गुरुवार को हवाओं की रफ्तार कम रहने के कारण दिन में प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया। रात करीब आठ बजे जयभीम नगर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 323 दर्ज किया गया, जबकि पीएम 2.5 का स्तर 414 तक पहुंच गया। यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए बेहद जोखिम भरी है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम केंद्र के प्रभारी डॉ. यूपी शाही के अनुसार, दिन में मौसम साफ रहने से तापमान सामान्य लगता है, लेकिन शाम होते ही पारा तेजी से गिर जाता है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में फिर से बारिश की संभावना बन रही है, जिससे आने वाले दो-तीन दिनों तक मैदानी इलाकों में घना कोहरा और कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है।
क्या होता है कोल्ड डे
जब अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से कम हो और सामान्य से करीब 4.5 डिग्री नीचे चला जाए, तो उसे कोल्ड डे कहा जाता है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिन ऐसे ही गुजर सकते हैं, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।




