Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश शासन ने देवरिया की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कड़ी कार्रवाई सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले और इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेशों की लंबे समय तक अनदेखी करने के आरोपों के बाद की गई है। शासन ने उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं।
निलंबन और विभागीय जांच के आदेश
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शालिनी श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत निलंबित किया गया है।
संबद्धता: निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय, लखनऊ से संबद्ध किया गया है।
जांच अधिकारी: संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर मंडल को इस मामले का पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
भत्ता: निलंबन के दौरान उन्हें मूल नियम-53 के तहत जीवन निर्वाह भत्ता (आधा वेतन) देय होगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला देवरिया के गौरी बाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है। शिक्षक ने 20 फरवरी की रात गोरखपुर स्थित अपने आवास पर जान दे दी थी।
सुसाइड नोट के गंभीर आरोप: मृतक के पास से बरामद सुसाइड नोट में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और बाबू संजीव सिंह पर 16 लाख रुपये लेने और उसके बावजूद मानसिक उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना: जिलाधिकारी देवरिया की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 13 फरवरी को एक रिट याचिका में आदेश जारी किया था, जिसका अनुपालन बीएसए कार्यालय ने एक वर्ष तक नहीं किया। बीएसए को इस मामले में 'स्पीकिंग ऑर्डर' जारी करना था, लेकिन उन्होंने इसमें घोर लापरवाही बरती।
मुकदमा दर्ज: मृतक शिक्षक की पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर गोरखपुर के गुलरिहा थाने में बीएसए और बाबू के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (IPC 306) और धमकी देने का मुकदमा दर्ज है।
पुलिस और फॉरेंसिक जांच जारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बीएसए का सीयूजी (CUG) नंबर और उनका निजी मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है। इन फोन्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए शिक्षक के उत्पीड़न के दावों की पुष्टि की जा सके।
बचाव के लिए हाई कोर्ट पहुंचीं बीएसए
एक तरफ शासन ने निलंबन की कार्रवाई की है, वहीं दूसरी तरफ शालिनी श्रीवास्तव ने अपनी गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस याचिका में उन्होंने शासन, एसएसपी गोरखपुर और थानाध्यक्ष को पक्षकार बनाया है। हालांकि, अभी तक इस पर सुनवाई की तिथि तय नहीं हुई है।




