Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे रिंकू सिंह (Rinku Singh) के घर में आज सन्नाटा पसरा हुआ है। रिंकू के पिता खानचंद सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार दोपहर ग्रेटर नोएडा से उनके पैतृक निवास अलीगढ़ पहुंच गया। पिता की मौत की खबर सुन विश्व कप बीच में छोड़ कर आए रिंकू सिंह बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने एक बेटे का फर्ज निभाते हुए अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
जैसे ही खानचंद सिंह का पार्थिव शरीर अलीगढ़ स्थित उनके घर पहुंचा, वहां हजारों की संख्या में प्रशंसकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। रिंकू सिंह ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय हमेशा अपने पिता के कड़े संघर्ष को दिया है, ऐसे में उन्हें इस हाल में देख वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। रिंकू सिंह अपने पिता के काफी करीब थे और अंतिम संस्कार के दौरान उनकी सिसकियां रुकने का नाम नहीं ले रही थीं।
कैंसर से हार गए जिंदगी की जंग
रिंकू सिंह के पिता लंबे समय से लिवर कैंसर (चौथे चरण) से जूझ रहे थे। ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां वे वेंटिलेटर पर थे। हालांकि पिछले कुछ दिनों में उनके स्वास्थ्य में मामूली सुधार की खबरें आई थीं, लेकिन शुक्रवार सुबह उनकी स्थिति अचानक बिगड़ गई और उन्होंने अंतिम सांस ली।
विराट कोहली ने जताया गहरा शोक
इस दुखद घड़ी में पूरा खेल जगत रिंकू सिंह के साथ खड़ा नजर आ रहा है। दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर रिंकू के लिए सांत्वना संदेश साझा किया। कोहली ने लिखा:
"रिंकू के पिता के निधन की खबर से बहुत दुख हुआ। इस मुश्किल समय में मेरी दिल से दुआएं और विचार आपके और आपके परिवार के साथ हैं। उनके आशीर्वाद से आपको हमेशा हिम्मत मिले। ओम शांति।"
पिता के संघर्ष से मिली प्रेरणा
खाचंद्र सिंह का जीवन किसी प्रेरणा से कम नहीं था। उन्होंने एलपीजी सिलेंडर घर-घर पहुंचाने का काम करके अपने बच्चों को पाला और रिंकू के क्रिकेट के सपने को मरने नहीं दिया। रिंकू अक्सर बताते थे कि उनके पिता ने उन्हें क्रिकेटर बनाने के लिए कितनी मेहनत की है। आज जब रिंकू सफलता के शिखर पर हैं, तब उनके पिता का जाना उनके लिए एक अपूरणीय व्यक्तिगत क्षति है।




