img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवादों के बीच वाराणसी स्थित श्रीविद्या मठ में गहमागहमी का माहौल चरम पर है। प्रयागराज पुलिस की संभावित कार्रवाई और अदालत के फैसलों को लेकर मठ में वकीलों और भक्तों का तांता लगा हुआ है। इस बीच, मठ के एक छात्र अजय कुमार भटेले ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए मामले में नया मोड़ ला दिया है। अजय का आरोप है कि मठ की छवि धूमिल करने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई है।

छात्र का दावा: कोषाध्यक्ष पद और सुरक्षा का दिया गया लालच

सोशल मीडिया पर प्रसारित एक इंटरव्यू में अजय कुमार भटेले ने बताया कि उन्हें 28 जनवरी को दो बच्चों के वीडियो भेजे गए थे। अजय के अनुसार, उनसे कहा गया था कि वे इन बच्चों को श्रीविद्या मठ का छात्र साबित करें। इसके बदले में उन्हें कई प्रलोभन दिए गए:

पद का लालच: श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट में कोषाध्यक्ष का पद देने का वादा।

आशीर्वाद और आश्रम: जगद्गुरु रामभद्राचार्य का आशीर्वाद दिलाने और रहने के लिए आश्रम व सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन।

'डिलीट' किए गए साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की मांग

अजय भटेले ने आरोप लगाया कि साजिशकर्ताओं ने वीडियो भेजने के बाद उन्हें मोबाइल से डिलीट भी कर दिया था। छात्र ने इस संबंध में साक्ष्य के रूप में एक दस्तावेज प्रस्तुत किया है और मांग की है कि यदि मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराई जाए, तो डिलीट किया गया डेटा वापस मिल सकता है, जिससे पूरी साजिश बेनकाब हो जाएगी।

मठ में अग्रिम जमानत को लेकर कानूनी मंत्रणा

शुक्रवार को श्रीविद्या मठ में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के लिए अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की संभावनाओं को लेकर कानूनी विशेषज्ञों के साथ लगातार बैठकें चलती रहीं। हालांकि, प्रयागराज पुलिस ने दोपहर तक वाराणसी या मठ परिसर में कोई आधिकारिक पूछताछ या छापेमारी नहीं की है, लेकिन पुलिस की खामोशी ने मठ के अनुयायियों के बीच आशंकाएं बढ़ा दी हैं।

अनुयायियों में चिंता और भविष्य के संकेत

मठ के भक्तों और छात्रों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या यह पूरा प्रकरण एक सुनियोजित षड्यंत्र है। भक्तों का मानना है कि मठ को जानबूझकर विवादों में घसीटा जा रहा है। अजय भटेले के दावों ने इस कानूनी लड़ाई को और पेचीदा बना दिया है। अब सभी की निगाहें अदालत की सुनवाई और प्रयागराज पुलिस के अगले कदम पर टिकी हैं।