Prabhat Vaibhav,Digital Desk : विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोडीनयुक्त कफ सीरप से उत्तर प्रदेश में एक भी मौत नहीं हुई। इस बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे असत्य बताया है।
मंगलवार को अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कफ सीरप से किसी की मौत नहीं हुई, यह दावा सच्चाई से दूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों की मौत और नशाखोरी से जुड़े गंभीर मामले में भी सत्ताधारी दल लगातार गलत बयान दे रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जिन लोगों ने प्रयागराज महाकुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान मृत्यु के आंकड़ों को लेकर सही जानकारी नहीं दी, उनसे यह उम्मीद करना मुश्किल है कि वे अपने शासन में नकली और नशीले कफ सीरप से जुड़ी मौतों पर सच बोलेंगे। उन्होंने इस पूरे मामले में आरोपितों पर घोषित इनाम को लेकर भी सवाल उठाए।
सपा प्रमुख ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अरबों रुपये के घोटाले से जुड़े मामलों में केवल नाममात्र का इनाम घोषित कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों को महंगे फायदे पहुंचाए गए, जबकि सरकार से बार-बार पूछे जाने के बावजूद इसका स्पष्ट ब्यौरा सामने नहीं रखा गया।
इसी क्रम में अखिलेश यादव ने किसानों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से जो वादे किए थे, वे आज तक पूरे नहीं हुए। महंगाई और कर्ज के बोझ तले दबे किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हैं। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के मौके पर भी किसानों को कोई राहत नहीं दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि किसान आज खाद और यूरिया के लिए भटक रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही। धान खरीद को लेकर सरकार पर आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बिचौलिए किसानों की फसल कम दाम में खरीद रहे हैं और किसान नुकसान झेलने को मजबूर हैं।




