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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : केंद्र सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट को लेकर एक अहम कदम उठाया है। हरियाणा के दो न्यायिक अधिकारियों को हाई कोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। इस संबंध में कानून एवं न्याय मंत्रालय की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति ने न्यायिक अधिकारी रमेश चंद्र दिमरी और नीरजा कुलवंत कौर कलसन को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों के बाद हाई कोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है, जबकि स्वीकृत पदों की कुल संख्या 85 है।

बताया गया है कि ये नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 16 दिसंबर 2025 को हुई बैठक में की गई सिफारिशों के आधार पर की गई हैं। लंबे समय से हाई कोर्ट में लंबित मामलों को देखते हुए इन नई नियुक्तियों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में फिलहाल 4,20,880 मामले लंबित हैं। हालांकि, यह संख्या जनवरी 2025 में दर्ज 4,32,227 मामलों की तुलना में करीब 11,347 कम है। इसके बावजूद मामलों का बोझ अभी भी काफी ज्यादा है, ऐसे में अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति से सुनवाई की रफ्तार तेज होने की उम्मीद की जा रही है।

न्यायिक विशेषज्ञों का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से न केवल लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी, बल्कि आम लोगों को समय पर न्याय मिलने में भी मदद मिलेगी।