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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार को मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी (सेनि) की गोली लगने से हुई दर्दनाक मौत ने अब राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जमकर घेरा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में अपराधी बेखौफ हो चुके हैं और सरहदों की रक्षा करने वाले जांबाज अपने ही शहर की सड़कों पर सुरक्षित नहीं हैं।

"बीजेपी राज में सिर्फ अपराधी महफूज": राहुल गांधी का 'X' पर फूटा गुस्सा

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक भावुक और कड़ा संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, "देहरादून में मॉर्निंग वॉक पर निकले सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर वी.के. जोशी जी की दिनदहाड़े निर्मम हत्या साफ बताती है कि उत्तराखंड की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। सरहद पर देश की रक्षा में जीवन समर्पित करने वाले ही आज अपने शहर में असुरक्षित हैं। बीजेपी राज में सिर्फ अपराधी बेखौफ और महफूज़ हैं।" उन्होंने आगे कहा कि जो उत्तराखंड कभी शांति की पहचान था, आज वह हिंसा और डर के साये में सिमट गया है।

क्या था पूरा मामला? आपसी रंजिश की गोली का शिकार हुए ब्रिगेडियर

बता दें कि सोमवार सुबह देहरादून के जोहड़ी रोड पर दहशत फैल गई जब स्कार्पियो सवार कुछ बदमाशों ने एक फॉर्च्यूनर कार का पीछा करते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। यह गोलीबारी दो गुटों के आपसी विवाद के चलते हो रही थी। बदकिस्मती से, उसी समय मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी एक गोली का शिकार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस की कार्रवाई: 6 आरोपी गिरफ्तार, 'जेन-जी' बार संचालक भी शामिल

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में दिल्ली के 'जेन-जी' बार का संचालक संदीप कुमार, मोहम्मद अखलाक, रोहित कुमार और देहरादून का आदित्य चौधरी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस गैंगवार में शामिल चार अन्य आरोपी—शांतनु, कविश, समीर और वैभव—अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।

कानून-व्यवस्था पर गरमाई सियासत

विपक्ष का आरोप है कि देहरादून जैसे शांत शहर में दिनदहाड़े फायरिंग और एक सम्मानित सैन्य अधिकारी की हत्या यह दर्शाती है कि पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है। वहीं, बीजेपी सरकार ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, इस घटना के बाद पूरे देहरादून में भारी पुलिस बल तैनात है और सैन्य समुदाय में भी गहरा रोष व्याप्त है।