Prabhat Vaibhav,Digital Desk : राजधानी लखनऊ में 11 मार्च 2026 को होने वाले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के 'गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान' को जिला प्रशासन ने अनुमति दे दी है। सोमवार देर रात पुलिस अधिकारियों और एलडीए (LDA) स्मारक समिति की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने आयोजकों के सामने 26 सख्त शर्तें रखी हैं।
कार्यक्रम का समय और स्थान
आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शीतला अष्टमी (11 मार्च) के अवसर पर यह मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा:
स्थान: आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति उपवन के पास, पासी किला चौराहा।
समय: दोपहर 2:15 बजे से शाम 5:00 बजे तक।
उद्देश्य: शंकराचार्य यहाँ से ‘गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ की औपचारिक शुरुआत करेंगे और भक्त समाज को संबोधित करेंगे।
प्रशासन की 26 शर्तें: उल्लंघन पर तुरंत रद्द होगी अनुमति
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन हुआ, तो अनुमति स्वतः निरस्त मानी जाएगी। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
भड़काऊ भाषण पर रोक: मंच से किसी भी प्रकार की भड़काऊ नारेबाजी या भाषण की अनुमति नहीं होगी।
हथियार और आतिशबाजी: कार्यक्रम स्थल पर किसी भी तरह के शस्त्र या पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
ध्वनि प्रदूषण: लाउडस्पीकर के लिए निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन करना होगा और रात 10 बजे के बाद इनका प्रयोग वर्जित होगा।
यातायात: आयोजन के कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए।
सुरक्षा: आयोजकों को अपनी निजी सुरक्षा व्यवस्था (वॉलिंटियर्स) भी सुनिश्चित करनी होगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भारी शुल्क
भक्तों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए लखनऊ पुलिस अलर्ट मोड पर है:
पुलिस बल: आशियाना, पीजीआई और कृष्णानगर थानों की पुलिस के साथ अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
आयोजन शुल्क: तीन दिवसीय इस कार्यक्रम के लिए आयोजकों ने स्मारक समिति में करीब 4.5 लाख रुपये का शुल्क जमा कराया है।
काशी से लखनऊ तक का जनजागरण अभियान
शंकराचार्य इन दिनों गौ-रक्षा के मुद्दे पर जनजागरण यात्रा पर हैं। उनकी यह यात्रा काशी से शुरू होकर जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, मोहनलालगंज और उन्नाव होते हुए लखनऊ पहुंची है। 11 मार्च को लखनऊ में होने वाला यह कार्यक्रम इस अभियान का मुख्य पड़ाव माना जा रहा है।
विवादों का साया: पासपोर्ट जब्त करने की मांग
एक ओर जहाँ कार्यक्रम की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
अदालत में अर्जी: आशुतोष ब्रह्मचारी ने लखनऊ की पॉक्सो (POCSO) अदालत में अर्जी दाखिल कर आशंका जताई है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विदेश भाग सकते हैं।
मांग: उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि शंकराचार्य का पासपोर्ट तत्काल जब्त किया जाए। उनका तर्क है कि भले ही उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई हो, लेकिन उन्हें जांच प्रभावित करने या जिला छोड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।




