Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो की प्रामाणिकता जांचने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय ने इसे तीन अलग-अलग फोरेंसिक लैब में भेज दिया है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जत्थेदार के आदेश पर शुरू हुई जांच
यह कदम जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के निर्देश पर उठाया गया। वीडियो की सत्यता को लेकर सिख संगत और विभिन्न संगठनों में उठ रहे सवालों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है ताकि निष्पक्ष और तकनीकी रूप से जांच हो सके।
सीएम मान ने वीडियो को एआई जनरेटेड बताया
15 जनवरी को मुख्यमंत्री मान स्वयं श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे और जत्थेदार के समक्ष अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से तैयार किया गया। सीएम ने स्पष्ट किया कि वीडियो का उनसे कोई संबंध नहीं है और इसका उद्देश्य उनकी छवि को धूमिल करना है।
तीन स्वतंत्र लैब में जांच का महत्व
जत्थेदार ने निर्देश दिए कि जांच केवल एक लैब में नहीं बल्कि तीन स्वतंत्र फोरेंसिक लैब्स में कराई जाए, ताकि रिपोर्ट पर किसी तरह का संदेह न रहे। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर यह पता लगाया जाएगा कि वीडियो वास्तविक है या किसी डिजिटल माध्यम से एडिट किया गया।
श्री अकाल तख्त सचिवालय ने संयम बरतने की अपील की
फिलहाल सचिवालय ने कहा है कि रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाना चाहिए। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की धार्मिक और प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।




