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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिका और भारत के बीच तनाव काफी समय से बढ़ रहा है। इसी बीच, अमेरिका में पढ़ाई कर रहे या वहां जाना चाह रहे लाखों भारतीय छात्रों के लिए एक चिंताजनक खबर है। बुधवार (7 जनवरी, 2026) को भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए छात्रों को कड़ी चेतावनी जारी की। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई छात्र अमेरिकी कानून का उल्लंघन करता है, तो उसे देश से निकाल दिया जाएगा।

"वीज़ा एक अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार है।" 

अमेरिकी दूतावास ने अपने पोस्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है, "अमेरिकी कानूनों का पालन न करने पर आपके छात्र वीज़ा पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।" दूतावास ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिकी वीज़ा एक विशेषाधिकार है, जन्मसिद्ध अधिकार नहीं। यदि किसी छात्र को गिरफ्तार किया जाता है या वह किसी भी कानून का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसका वीज़ा तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा सकता है। इतना ही नहीं, ऐसे छात्रों को देश से निर्वासित कर दिया जाएगा और भविष्य में उन्हें दोबारा वीज़ा प्राप्त करने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। इसलिए, अपनी यात्रा और करियर को खतरे में डाले बिना नियमों का सख्ती से पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

ट्रंप सरकार की नजर अवैध अप्रवासियों पर है 

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार आव्रजन कानूनों को सख्त कर रही है। इससे पहले, दूतावास ने देश में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले प्रवासियों को चेतावनी दी थी कि कानून का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ आपराधिक आरोप लगाए जा सकते हैं। अमेरिका अब आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ 'शून्य सहनशीलता' की नीति अपना रहा है।

सख्त नियमों के कारण छात्रों की संख्या में कमी आई है। 

अमेरिका में H-1B वीजा और छात्र वीजा नियमों में सख्ती का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय छात्रों के प्रवेश पर पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष अमेरिका में नए अंतरराष्ट्रीय प्रवेशों में 17% की गिरावट आई। अगस्त 2024 के आंकड़ों को देखें तो छात्रों के आगमन में साल-दर-साल 19% की गिरावट दर्ज की गई है, जो 2021 के बाद से सबसे कम है। इससे पता चलता है कि वीजा प्रक्रिया में बढ़ती सख्ती के कारण छात्र अब अन्य देशों को चुन रहे हैं।