Prabhat Vaibhav,Digital Desk : जालंधर के लतीफपुरा इलाके में मंगलवार तड़के प्रशासन ने हाई कोर्ट के आदेश पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दशकों पुराने कब्जों को हटाने का अभियान शुरू किया। सुबह करीब चार बजे से ही पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और निगम की मशीनरी व भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर तनाव का माहौल बन गया और पुलिस व स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
सुबह 4 बजे से इलाके की नाकाबंदी, भारी पुलिस बल तैनात
डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर लतीफपुरा रोड पर तड़के ही नाकाबंदी कर दी गई थी। आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई और पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। निगम की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू की, जो देर सुबह तक जारी रही।
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन पर था दशकों पुराना कब्जा
प्रशासन के अनुसार लतीफपुरा इलाके में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन पर कई दशकों से अवैध कब्जे बने हुए थे। इन्हें हटाने को लेकर मामला लंबे समय से अदालत में चल रहा था। हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद प्रशासन को आखिरकार सख्त कदम उठाना पड़ा।
अवमानना याचिका के बाद तेज हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि जुलाई 2025 में हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन को सड़कों से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए थे। समय पर कार्रवाई न होने पर याचिकाकर्ता ने अदालत में अवमानना याचिका दाखिल कर दी थी। इसके बाद प्रशासन ने कोर्ट से 9 फरवरी तक का समय मांगा था और 10 फरवरी को जवाब दाखिल किया जाना था। इससे पहले ही प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी।
विरोध के बीच प्रशासन का अभियान जारी
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया। कुछ स्थानों पर पुलिस और जनता के बीच तनाव की स्थिति बन गई, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट के आदेश का पालन करना अनिवार्य है और किसी भी कीमत पर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।




