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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पटना में मकर संक्रांति के अवसर पर तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को दही-चूड़ा भोज में आने का न्योता दिया है। यह मुलाकात जीती-जी के बाद लगभग आठ महीने बाद हुई है, और इस आयोजन को लेकर राज्य की राजनीति में नई चर्चाएँ शुरू हो गई हैं।

तेज़ प्रताप ने कहा है कि पर्व और परंपरा लोगों को जोड़ते हैं, राजनीति से ऊपर रहते हैं, और इसी भावना के साथ उन्होंने 14 जनवरी को पटना में आयोजित भोज में कई नेताओं को आमंत्रित किया है। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव, तथा अन्य प्रमुख नेताओं के साथ शामिल होने के संकेत भी दिए गए हैं। 

इस भोज के आयोजन को केवल एक पारिवारिक मेल-मिलाप नहीं बल्कि राजनीति में सौहार्द बढ़ाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर भी इस कार्यक्रम की जानकारी साझा की। इससे पहले उन्होंने कई एनडीए नेताओं से संपर्क कर कार्यक्रम के लिए निमंत्रण दिया था, जिससे राजनीतिक समीकरणों पर भी हल्की हलचल बनी हुई है। 

ध्यान देने वाली बात यह है कि तेज प्रताप यादव और यादव परिवार के बीच पहले कुछ महीनों में दूरी रही है, लेकिन इस कार्यक्रम से यह संकेत मिल रहा है कि पारिवारिक और राजनीतिक रिश्तों में सम्भवतः फिर से संवाद और मेल-जोल की शुरुआत हो सकती है।