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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में अचानक बदले मौसम और बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति का कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM) को तत्काल फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और नुकसान का सटीक आकलन कर जल्द से जल्द मुआवजा वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।

संयुक्त सर्वे के बाद तुरंत मिलेगा मुआवजा

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को 'अलर्ट मोड' पर रहने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियां मिलकर प्रभावित क्षेत्रों का संयुक्त सर्वे करें। इस सर्वे की रिपोर्ट शासन को जल्द से जल्द भेजी जाए ताकि प्रभावित किसानों को बिना किसी देरी के आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके। सीएम ने राहत आयुक्त और प्रमुख सचिव (कृषि) को जमीनी स्तर के अधिकारियों के साथ सीधा समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी है।

किसानों की मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 14447 जारी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उनकी सुविधा के लिए कृषि विभाग ने विशेष प्रबंध किए हैं। किसान अपनी शिकायत और नुकसान की जानकारी टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल करके दे सकते हैं। इसके अलावा, सूचना साझा करने के लिए 'क्रॉप इंश्योरेंस ऐप' और व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 7065514447 भी जारी किया गया है।

डिजिटल माध्यमों से भी दर्ज करा सकेंगे शिकायत

किसान भाई अपनी फसल के नुकसान की आधिकारिक जानकारी फसल बीमा पोर्टल (pmfby.gov.in) पर लॉगिन करके भी दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध होनी चाहिए। यदि किसी किसान को ऑनलाइन प्रक्रिया में समस्या आती है, तो वह अपने जिले के उप कृषि निदेशक या जिला कृषि अधिकारी से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि एक भी पात्र किसान मदद से वंचित न रहे।