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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मोदी सरकार वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान सम्मान दिलाने के लिए एक प्रोटोकॉल विकसित करने की योजना बना रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। भारतीय संविधान के अनुसार, राष्ट्रगान और राष्ट्रगान दोनों को समान सम्मान प्राप्त है, लेकिन कानूनी और अनिवार्य प्रोटोकॉल के मामले में दोनों में महत्वपूर्ण अंतर है।

राष्ट्रगान के गायन के दौरान खड़े रहना अनिवार्य है, और इसका अनादर करना राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के तहत दंडनीय है। दूसरी ओर, राष्ट्रगान वंदे मातरम के गायन के दौरान खड़े होने की कोई कानूनी आवश्यकता या लिखित नियम नहीं है।

राष्ट्रगान से संबंधित किन नियमों पर चर्चा हुई?
इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि गृह मंत्रालय की एक बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में राष्ट्रगान गाने के नियमों और दिशा-निर्देशों पर चर्चा हुई, जिनमें सम्मानपूर्वक गायन का तरीका भी शामिल था। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि क्या वंदे मातरम गाने के समय, स्थान और तरीके के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाने चाहिए। क्या राष्ट्रगान गाते समय खड़े होना अनिवार्य किया जाना चाहिए, क्या राष्ट्रगान का अपमान करने वालों पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए या उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए? इन सभी मुद्दों पर चर्चा हुई।

यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब मोदी सरकार साल भर चलने वाले वंदे मातरम उत्सव का जश्न मना रही है, जबकि भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति के कारण राष्ट्रगान के महत्व को कम आंकने का आरोप लगाया है।

यह विवाद
1937 के कांग्रेस अधिवेशन में वंदे मातरम की कुछ पंक्तियों को हटाए जाने से शुरू हुआ। भाजपा का आरोप है कि इस नीति ने विभाजन की नींव रखी, जबकि कांग्रेस का दावा है कि भाजपा इतिहास को तोड़-मरोड़ रही है। पिछले कुछ वर्षों में, अदालतों में कई याचिकाएं दायर की गई हैं जिनमें मांग की गई है कि वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा दिया जाए।

केंद्र में मोदी सरकार ने 2022 में सर्वोच्च न्यायालय को बताया था कि राष्ट्रगान के लिए अभी तक कोई दंडात्मक प्रावधान लागू नहीं किया गया है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम स्वदेशी आंदोलन (1905-08) के दौरान स्वतंत्रता का सबसे प्रमुख नारा बनकर उभरा था। सरकार अब इसे उसका पुराना गौरव वापस दिलाने का प्रयास कर रही है।