Prabhat Vaibhav,Digital Desk : लमगड़ा ब्लॉक क्षेत्र की सड़कों की हालत दिन-ब-दिन और खराब होती जा रही है। जगह-जगह गड्ढे और टूटी सड़कें ग्रामीणों की परेशानियों को बढ़ा रही हैं। इन्हीं हालात से नाराज़ ग्रामीणों ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी के नेतृत्व में अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने बैलों की जोड़ी के साथ खेतों की तरह सड़क पर हल चलाकर भाजपा सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द ध्यान नहीं दिया तो उन्हें सड़कों के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा।
शनिवार को सत्यों गांव के लोगों ने याद दिलाया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद जागेश्वर विधायक मोहन सिंह महरा ने सत्यों-रालाकोट मोटर मार्ग का डामरीकरण सिर्फ दो माह में शुरू करने का वादा किया था। उस समय गांव में खुशी का माहौल बन गया था, लेकिन अब तीन साल बीत चुके हैं और काम का कोई अता-पता नहीं है।
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे विभाग का घेराव करने को मजबूर होंगे।
इस प्रदर्शन में दिवान सतवाल, मनोज सिंह रावत, गोपाल सिंह चौहान, भगवान राम, देवी दत्त खोलिया, हेम कुमार आर्या, पूरन चंद्र पांडे, दीपा देवी, पूजा देवी, मोहन सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें
सत्यों-रालाकोट मोटर मार्ग का डामरीकरण
किसानों की कटी भूमि का मुआवजा 2025 के सर्किल रेट पर दिया जाए
मेरधुरा–सत्यों रोड की टूटी दीवारों और नालियों का निर्माण
सैजा, कपलेश्वर, उरेगी और सिमल्टी मार्गों का डामरीकरण
इसके अलावा ग्रामीणों ने कांग्रेस सरकार के समय जारी आदेशों को भी लागू करने की मांग उठाई, जिनमें घारखोला–भाटकोट–कपलेश्वर, जिफाल्टा–नैणी–कोकिला गांव–धारखोला और रतखान–रालाकोट मोटर मार्ग का निर्माण शामिल है।




