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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में मार्च के अंतिम दिनों में हुई अचानक बारिश और तेज हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार देर रात और बुधवार सुबह हुई बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, अप्रैल की शुरुआत के साथ ही सूर्य देव के तेवर फिर से तल्ख होने लगे हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से अगले कुछ दिनों तक तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहेगा।

कानपुर: बारिश से 5 डिग्री गिरा न्यूनतम पारा

कानपुर में मार्च के आखिरी दिन हुई बारिश का असर बुधवार की सुबह साफ देखने को मिला।

तापमान में गिरावट: सोमवार को जहां न्यूनतम तापमान अधिक था, वहीं मंगलवार रात की बारिश के बाद इसमें 5.4 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 18.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया।

अधिकतम तापमान: शहर का अधिकतम तापमान भी 37 डिग्री से गिरकर 35.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

पूर्वानुमान: मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार, 5 अप्रैल तक तापमान में अस्थिरता बनी रहेगी। दिन में तेज धूप खिलेगी, लेकिन सुबह-शाम हल्की नरमी रह सकती है।

अयोध्या और लखनऊ: बादलों की लुका-छिपी और किसानों की चिंता

अयोध्या: बुधवार सुबह रामनगरी में घने बादलों ने डेरा डाला और रिमझिम फुहारें पड़ीं। इससे गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन गेहूं की कटाई कर रहे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। मौसम विभाग के अनुसार, 4 और 5 अप्रैल को दोबारा बारिश की संभावना है। यहाँ अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री अधिक यानी 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है।

लखनऊ: राजधानी में आज (गुरुवार) दिन भर धूप और बादलों की लुका-छिपी जारी रहने का अनुमान है। दिन के तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी देखी जा सकती है, जिससे दोपहर में उमस और गर्मी का अहसास होगा।

गोरखपुर और पूर्वांचल: शुष्क रहेगा मौसम

पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया और बस्ती जिलों में फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। यहाँ गुरुवार को मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और तेज धूप के कारण पारे में उछाल आने के संकेत हैं।

सावधानी की सलाह

मौसम विभाग ने नागरिकों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। तापमान में अचानक आ रहे इस बदलाव (दिन में गर्मी और रात में ठंडक) से मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को अपनी दिनचर्या में सावधानी बरतने को कहा गया है।