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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अप्रैल की चिलचिलाती गर्मी के बीच देश के मौसम ने अचानक करवट ले ली है। एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से उत्तर भारत समेत देश के 12 से अधिक राज्यों में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का यह दौर थमने वाला नहीं है। बेमौसम की इस मार ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।

दिल्ली-NCR और मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी का साया

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में बुधवार से ही बादलों का डेरा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस बदलाव से तापमान में गिरावट तो आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन खुले आसमान के नीचे रखी फसलों को भारी नुकसान होने का डर है। राजस्थान के जोधपुर, जयपुर और बीकानेर संभागों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पहाड़ों पर कुदरत का कहर: जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद

पहाड़ी राज्यों में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में पिछले 36 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है, जिससे अप्रैल में भी शीतलहर जैसे हालात हैं। रामबन जिले में भीषण भूस्खलन (Landslide) के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के चंबा और लाहौल-स्पीति में भी लैंडस्लाइड की घटनाओं ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

इन राज्यों में भी दिखेगा पश्चिमी विक्षोभ का असर

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा की दिशा में बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में भी मौसम बिगड़ सकता है। पूर्वोत्तर के राज्यों असम और मेघालय सहित दक्षिण में आंध्र प्रदेश तक इस विक्षोभ का असर महसूस किया जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में भारी बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई गई है, जिससे भूस्खलन का खतरा और अधिक बढ़ गया है।

किसानों के लिए एडवायजरी: सुरक्षित रखें अपनी उपज

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कटी हुई फसल या मंडियों में रखे अनाज को ढककर रखने और तेज आंधी के दौरान पेड़ों के नीचे न रुकने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक विशेष सावधानी बरतने को कहा है, क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाले मलबे और मैदानी इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।