Prabhat Vaibhav,Digital Desk : यदि अच्छी तनख्वाह होने के बावजूद आप लगातार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, तो वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ सरल बदलाव करके आप अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकते हैं। इससे आपको आर्थिक कठिनाइयों से उबरने का अवसर भी मिल सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा धन और करियर के लिए बहुत लाभकारी मानी जाती है। इस दिशा में अव्यवस्थित या भारी वस्तुएं रखने से धन का प्रवाह बाधित होता है। इसलिए इस दिशा को हमेशा स्वच्छ और प्रकाशमय रखें।
यहां छोटा फव्वारा या जल से संबंधित मूर्तियां रखना शुभ माना जाता है। काले, नीले या हल्के रंगों का प्रयोग करने से बचना चाहिए।
धन प्रवाह को बनाए रखने के लिए इन वास्तु सुझावों का पालन करें।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई से आर्थिक हानि भी जुड़ी होती है। इसलिए चूल्हा दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने से बचें। यदि घर में कोई नल टपक रहा हो या खराब हो, तो उसे तुरंत बदल दें, क्योंकि पानी का रिसाव आर्थिक हानि का कारण बनता है। आर्थिक स्थिरता और बचत के लिए तिजोरी या धन से संबंधित अन्य वस्तुएं दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना सर्वोत्तम माना जाता है।
घर का मुख्य द्वार धन की कुंजी माना जाता है। इसलिए, टूटा हुआ या गंदा द्वार नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। इस पर शुभ चिन्हों का प्रयोग करना चाहिए। घर को हमेशा रोशन और सुगंधित रखना चाहिए। घर में अनावश्यक और नकारात्मक चीजें लाने से बचें। जीवन में आर्थिक समृद्धि प्राप्त करने के लिए अपनी तनख्वाह का एक छोटा हिस्सा दान में दें। ऐसा करने से ग्रहों का प्रभाव सकारात्मक होता है और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं।
फेंगशुई से संबंधित 14 कारगर वास्तु उपाय -
अपने घर में कुबेर यंत्र रखें।
घर में गंदगी भी धन के प्रवाह को बाधित करती है।
आर्थिक लाभ के लिए लॉकर को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें।
घर के प्रवेश द्वार को साफ-सुथरा और आकर्षक रखें।
अगर आपके घर में मछलीघर है, तो उसे उत्तर-पूर्व दिशा में रखें।
पानी की टंकियों को छत पर सही दिशा में रखें और उन्हें हर छह महीने में साफ करें।
घर के किसी भी हिस्से में पानी के रिसाव को रोकें।
बाथरूम या शौचालय का होना उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में उचित माना जाता है।
आर्थिक लाभ के लिए उत्तर दिशा के वास्तु पर ध्यान दें।
घर में पौधे रखना भी उचित माना जाता है।
उपयुक्त चित्रों का प्रयोग करें।
घर में प्रतिदिन सुबह और शाम अगरबत्ती जलाएं।
घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर तांबे का स्वास्तिक स्थापित करें।



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