Prabhat Vaibhav,Digital Desk : वैश्विक युद्ध के बादलों के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में ऐतिहासिक कटौती का ऐलान किया है। गुरुवार को जारी सरकारी आदेश के मुताबिक, पेट्रोल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 13 रुपये से घटाकर सीधा 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, डीजल पर लगने वाले 10 रुपये के शुल्क को पूरी तरह खत्म कर शून्य कर दिया गया है।
अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज की नाकाबंदी का असर
ईंधन की कीमतों में यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध और तेहरान द्वारा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है। आपको बता दें कि दुनिया के समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल और गैस के कुल कारोबार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। युद्ध की वजह से सप्लाई चैन ठप होने की आशंका के बीच सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए यह मास्टरस्ट्रोक खेला है।
हवाई सफर होगा महंगा: ATF पर लगा नया टैक्स
एक तरफ जहां सड़क पर चलने वाले वाहनों को राहत देने की कोशिश की गई है, वहीं हवाई यात्रियों के लिए बुरी खबर है। मोदी सरकार ने इतिहास में पहली बार एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगा दिया है। हालांकि, छूट के बाद इसकी प्रभावी दर 29.5 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से विमानन कंपनियों की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा बोझ यात्रियों की जेब पर हवाई टिकटों के दाम बढ़ाकर डाला जा सकता है।
तेल कंपनियों को संजीवनी, विंडफॉल टैक्स हुआ खत्म
घरेलू तेल उत्पादक कंपनियों के लिए सरकार ने राहत का पिटारा खोल दिया है। साल 2022 से लागू 'विंडफॉल टैक्स' (Windfall Tax) यानी अप्रत्याशित लाभ कर को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा निर्यात किए जाने वाले पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर भी कई शुल्कों को माफ कर दिया गया है। ये सभी बदलाव 26 मार्च 2026 से ही प्रभावी हो चुके हैं, जिससे रिलायंस और ओएनजीसी जैसी बड़ी कंपनियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या कम होंगे पेट्रोल पंप पर दाम? जानिये कड़वा सच
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कल से आपके शहर में पेट्रोल और डीजल सस्ता मिलेगा? सूत्रों और विशेषज्ञों की मानें तो इसका जवाब 'ना' में हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार जा चुका है, जिससे भारतीय तेल कंपनियों को प्रति लीटर लगभग ₹48.8 का भारी घाटा हो रहा है। सरकार द्वारा दी गई ₹10 तक की राहत से कंपनियां केवल अपना घाटा कम करेंगी। ऐसे में आम जनता के लिए पेट्रोल पंपों पर कीमतों में कटौती की संभावना फिलहाल न के बराबर दिख रही है।




