Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़े और ऐतिहासिक अध्याय का अंत हो गया है। नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने सोमवार, 16 फरवरी 2026 को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार पद से आधिकारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। पिछले सप्ताह संपन्न हुए 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रचंड जीत के बाद अब सत्ता की कमान तारिक रहमान के हाथों में होगी। अपने विदाई भाषण में यूनुस ने लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा का आह्वान करते हुए इसे 'नई आजादी' करार दिया।
कल होगा भव्य शपथ ग्रहण, भारत की ओर से ओम बिरला होंगे शामिल
सत्ता परिवर्तन की इस ऐतिहासिक घड़ी में पूरी दुनिया की निगाहें ढाका पर टिकी हैं। तारिक रहमान मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इस समारोह के लिए भारत को विशेष निमंत्रण भेजा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रतिनिधि के तौर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए ढाका पहुंचेंगे। भारत की यह उच्च स्तरीय भागीदारी दोनों पड़ोसी देशों के बीच भविष्य के रिश्तों को मजबूती देने का बड़ा संकेत मानी जा रही है।
13वें चुनाव में BNP की सुनामी, जमात बनी मुख्य विपक्षी दल
बांग्लादेश की 300 सीटों वाली नेशनल पार्लियामेंट में सरकार बनाने के लिए 151 सीटों के बहुमत की जरूरत थी, जिसे बीएनपी ने आसानी से पार कर लिया।
शानदार जीत: तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी ने एकतरफा बहुमत हासिल किया है।
विपक्ष की भूमिका: इस बार के चुनाव में जमात-ए-इस्लामी गठबंधन मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरा है।
ऐतिहासिक मतदान: देश में लगभग 59 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो बदलाव के प्रति जनता के उत्साह को दर्शाता है। साथ ही, संवैधानिक सुधारों के लिए लाया गया जनमत संग्रह भी बहुमत से पास हो गया है।
शेख हसीना के पतन के बाद यूनुस ने संभाली थी कमान
अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद मचे हाहाकार के बीच मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार की बागडोर संभाली थी। अपने विदाई भाषण में उन्होंने अवामी लीग के शासन को 'राक्षसी चंगुल' बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने देश को अराजकता से बाहर निकालकर लोकतंत्र की पटरी पर वापस लौटाया है। अब देश की आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी तारिक रहमान की नई सरकार पर होगी।
संवैधानिक जनमत संग्रह ने बदला रास्ता
चुनावों के साथ-साथ हुए जनमत संग्रह की सफलता ने नई सरकार के लिए बड़े सुधारों का रास्ता साफ कर दिया है। अब तारिक रहमान की सरकार संविधान में संशोधन कर शासन व्यवस्था में बदलाव ला सकेगी। ढाका की सड़कों पर बीएनपी समर्थकों का जश्न जारी है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि कल का शपथ ग्रहण समारोह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।




