आनंद किशोर से ED करेगी पूछताछ, इन 6 IAS ऑफिसर को भी समन; रिशु श्री टेंडर घोटाला केस में बड़ा एक्शन

आनंद किशोर से ED करेगी पूछताछ, इन 6 IAS ऑफिसर को भी समन; रिशु श्री टेंडर घोटाला केस में बड़ा एक्शन

बिहार के चर्चित और बहुचर्चित 'रिशु श्री टेंडर व ट्रांसफर-पोस्टिंग घोटाला' मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर ताबड़तोड़ और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जांच एजेंसी ने राज्य के सबसे प्रभावशाली वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में शामिल आनंद किशोर समेत बिहार के 6 वरिष्ठ आईएएस (IAS) अफसरों को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। ईडी द्वारा एक साथ इतने बड़े प्रशासनिक चेहरों पर कानूनी शिकंजा कसने के बाद से बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है। एजेंसी अब टेंडर आवंटन में हुई धांधली, अवैध धन के लेनदेन और रिश्वत के बदले मिले महंगे उपहारों से जुड़ी अहम कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।

रिशु श्री टेंडर घोटाला और ईडी के कसते शिकंजे की पूरी कहानी

बिहार में सरकारी ठेकों, स्वच्छता अभियानों और नगर निकायों में टेंडर दिलवाने के नाम पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। टेंडर माफिया रिशु श्री उर्फ रिशु रंजन सिन्हा की गिरफ्तारी के बाद उसके ठिकानों से बरामद डिजिटल साक्ष्यों, चैट लॉग्स और एक विशेष डायरी ने पूरे तंत्र की पोल खोलकर रख दी थी। ईडी की फॉरेंसिक टीम द्वारा रिकवर किए गए व्हाट्सएप चैट्स से यह खुलासा हुआ कि सरकारी ठेके हासिल करने और अपनी पसंद के अधिकारियों की मनचाही पोस्टिंग कराने के लिए अधिकारियों को आईफोन, महंगे गैजेट्स और भारी मात्रा में नकद कमीशन दिए जाते थे। इस सिंडिकेट के उजागर होने के बाद से ही ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामले की गहराई से जांच कर रही थी।

आनंद किशोर और 6 आईएएस अधिकारियों की पूछताछ का शेड्यूल

जांच एजेंसी द्वारा जारी समन के मुताबिक, सभी 6 आईएएस अधिकारियों से पटना स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में अलग-अलग तिथियों पर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, आईएएस अधिकारी सुनील यादव से ईडी की टीम पूछताछ शुरू कर चुकी है, जबकि आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा से पहले ही गहन सवाल-जवाब किए जा चुके हैं। वहीं, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष कुमार मल्ल को 29 अक्टूबर और बिहार के चर्चित अधिकारी आनंद किशोर को 30 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों से मुख्य रूप से टेंडर आवंटन की फाइलों, डिजिटल साक्ष्यों में सामने आए कोडवर्ड्स और रिशु श्री के साथ हुए वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं।

कोडवर्ड्स, चैट लॉग्स और प्रशासनिक महकमे में बढ़ता खौफ

ईडी द्वारा कोर्ट में दाखिल हलफनामे और जांच रिपोर्ट के अनुसार, रिशु श्री और अधिकारियों के बीच बातचीत में '5 किलो आम' जैसे कोडवर्ड्स का इस्तेमाल किया जाता था, जिसका अर्थ पांच लाख रुपये की रिश्वत से था। इसी तरह महंगे मोबाइल ब्रांड्स और उपहारों के लेन-देन से जुड़े चैट भी जांच एजेंसी के पास मौजूद हैं। यद्यपि कुछ अधिकारियों ने इन आरोपों का खंडन करते हुए रिशु श्री से किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया है, लेकिन केंद्रीय एजेंसी द्वारा जारी समन के बाद नौकरशाही में खौफ का माहौल बना हुआ है।

जांच का दायरा और बिहार की राजनीति पर संभावित असर

टेंडर घोटाले की आंच अब बिहार प्रशासन के शीर्ष स्तर तक पहुँच चुकी है, जिससे आगामी दिनों में कई बड़े प्रशासनिक फेरबदल और सख्त कार्रवाइयों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। ईडी के अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ की इस प्रक्रिया से टेंडर प्रक्रिया में हुई वित्तीय अनियमितताओं के पीछे छिपे मुख्य संरक्षकों का पर्दाफाश होगा। यदि जांच में पुख्ता सबूत मिलते हैं तो यह मामला बिहार के प्रशासनिक इतिहास में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में तब्दील हो सकता है।