प्रेमिका के साथ जाने से इनकार करने पर प्रेमी बालकनी से लटका, वकीलों ने बचाई जान

प्रेमिका के साथ जाने से इनकार करने पर प्रेमी बालकनी से लटका, वकीलों ने बचाई जान

राजस्थान उच्च न्यायालय (High Court) परिसर में एक ऐसा सनसनीखेज और ड्रामा से भरा वाकया सामने आया है जिसने वहां मौजूद वकीलों, सुरक्षाकर्मियों और परिवादियों के होश उड़ा दिए। प्यार, तकरार और पारिवारिक विवाद के बीच एक युवक ने कोर्ट की पहली मंजिल की बालकनी से छलांग लगाने की कोशिश की। युवती द्वारा साथ रहने से इनकार करने और प्रेम संबंध टूटने के आघात में प्रेमी अचानक इमारत की मुंडेर पर चढ़ गया और ग्रिल से नीचे लटक गया। इस भयावह दृश्य को देखकर हाईकोर्ट परिसर में अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई। हालांकि, मौके पर मौजूद वकीलों और पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस और फुर्ती का परिचय देते हुए समय रहते युवक को हवा में ही दबोच लिया और उसकी जान बचा ली। रिपोर्टर की जमीनी पड़ताल के अनुसार, इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

प्यार, तकरार और हाईकोर्ट परिसर में रचा गया हाई-वोल्टेज ड्रामा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाड़मेर जिले का रहने वाला युवक और उसकी प्रेमिका के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहा था। बाद में परिजनों के विरोध और आपसी मनमुटाव के चलते मामला थाने और अदालत की चौखट तक पहुँच गया। युवती ने युवक के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया था और अपनी सुरक्षा व परिजनों के साथ रहने की अर्जी को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दोनों पक्षों को अदालती कार्यवाही और बयान दर्ज कराने के उद्देश्य से जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट परिसर बुलाया गया था। अदालत कक्ष के बाहर जैसे ही दोनों का आमना-सामना हुआ, युवक ने युवती को अपने साथ चलने के लिए मनाने की भरपूर कोशिश की। जब युवती ने सबके सामने उसके साथ जाने से दोटूक मना कर दिया, तो प्रेमी अपना आपा खो बैठा और उसने एक खौफनाक कदम उठाने का फैसला कर लिया।

पहली मंजिल की बालकनी से नीचे लटका युवक, वकीलों की सतर्कता ने बचाई जिंदगी

प्रेमिका के इनकार से आहत और गुस्से से तिलमिलाया युवक तेजी से दौड़कर हाईकोर्ट की पहली मंजिल की ओर भागा। जब तक आसपास खड़े लोग कुछ समझ पाते, वह बालकनी की दीवार फांदकर रेलिंग के सहारे हवा में झूल गया। युवक चिल्ला-चिल्लाकर जान देने की धमकी देने लगा, जिससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। नीचे खड़े लोग और परिवादी डर के मारे सहम गए। इसी बीच, पास में खड़े अधिवक्ताओं (Lawyers) ने बिना एक पल गंवाए अपनी जान की परवाह किए बिना बालकनी की ओर दौड़ लगाई। वकीलों ने लटके हुए युवक के हाथों और कपड़ों को मजबूती से थाम लिया। युवक लगातार खुद को छुड़ाकर नीचे कूदने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वकीलों की मजबूत पकड़ और तुरंत पहुँची पुलिस टीम ने मिलकर खींचकर उसे सुरक्षित बालकनी के अंदर खींच लिया।

पुलिस हिरासत में आरोपी प्रेमी और परिजनों से पूछताछ जारी

युवक को सकुशल बचाए जाने के बाद हाईकोर्ट परिसर में तैनात पुलिस सुरक्षा तंत्र ने उसे तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। सुरक्षाकर्मी उसे कुड़ी भगतासनी या संबंधित पुलिस स्टेशन ले गए, जहाँ उसके खिलाफ आत्महत्या का प्रयास करने और सार्वजनिक स्थान पर हंगामा खड़ा करने के आरोप में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक पूछताछ में युवक मानसिक रूप से काफी व्यथित और अवसादग्रस्त नजर आया। पुलिस ने दोनों पक्षों के परिजनों को थाने बुलाकर उनके बयान दर्ज किए हैं और युवक की काउंसलिंग कराई जा रही है। वहीं दूसरी ओर, पीड़िता युवती को भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल और वकीलों की जमकर तारीफ

इस पूरी सनसनीखेज घटना के बाद राजस्थान हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कुछ गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर सुरक्षा जांच के बावजूद कोई व्यक्ति परिसर के भीतर इस तरह का आत्मघाती कदम उठाने में कैसे कामयाब हो सकता है। यदि मौके पर अधिवक्ता मौजूद न होते, तो एक बड़ा हादसा घटित हो सकता था। बार एसोसिएशन और साथी वकीलों ने पीड़ित युवक की जान बचाने वाले बहादुर अधिवक्ताओं की इस मानवीय पहल की जमकर सराहना की है। हाईकोर्ट प्रशासन ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए परिसर में संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग मजबूत करने और सुरक्षाकर्मियों की गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।