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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : शहर के सबसे सनसनीखेज इंदरप्रीत सिंह उर्फ 'पैरी' हत्याकांड में इंसाफ की घड़ी करीब आ गई है। चंडीगढ़ पुलिस ने शनिवार, 7 मार्च को जिला अदालत में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 13 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। करीब 3 महीने की गहन जांच के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और शूटरों के कबूलनामे के आधार पर इस पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है। चार्जशीट के मुताबिक, यह हत्या केवल गैंगवार का नतीजा नहीं थी, बल्कि सालों पुरानी दोस्ती में 'गद्दारी' के शक में अंजाम दिया गया एक खूनी खेल था।

सेक्टर-26 में रची गई थी मौत की बिसात

जांच में सामने आया है कि 1 दिसंबर 2025 की शाम को सेक्टर-26 टिंबर मार्केट में पैरी की हत्या की पूरी स्क्रिप्ट पहले से तैयार थी। मुख्य शूटर पीयूष पिपलानी और अंकुश सोलंकी ने पूछताछ में कबूल किया है कि पैरी को भरोसे में लेने के लिए पीयूष खुद उसकी गाड़ी में बैठा था। उसने फोन पर किसी से बात करवाने का बहाना बनाया और जैसे ही गाड़ी धीमी हुई, उसने पैरी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। चार्जशीट में उन 11 राउंड फायरिंग का जिक्र है जिसने पैरी को संभलने का मौका भी नहीं दिया।

लॉरेंस बनाम गोल्डी: दोस्ती का हुआ 'खूनी' अंत

पुलिस ने चार्जशीट में साफ किया है कि इस हत्या के पीछे लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ के बीच बढ़ती खाई भी एक बड़ा कारण है। लॉरेंस गैंग का आरोप था कि पैरी उनके नाम पर क्लबों से अवैध उगाही कर रहा था और विरोधी खेमे से हाथ मिला चुका था। फेसबुक पर 'हरी बॉक्सर' और 'आरजू बिश्नोई' के नाम से डाली गई पोस्ट को भी आधार बनाया गया है, जिसमें इस हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी। पुलिस अब इस मामले में साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई से भी दोबारा पूछताछ की तैयारी कर रही है।

13 आरोपितों की कुंडली और पुलिस के पुख्ता सबूत

दाखिल की गई चार्जशीट में पीयूष पिपलानी, अंकुश सोलंकी के अलावा साजिश में शामिल लुधियाना और खरड़ के उन मददगारों के नाम भी शामिल हैं जिन्होंने शूटरों को पनाह दी और चोरी की 'क्रेटा' कार का इंतजाम किया। पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर:

घटनास्थल के पास के CCTV फुटेज।

रिकवर किए गए धमकी भरे वॉइस नोट्स।

वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार और चोरी की गाड़ी।

आरोपितों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स (CDR)।

"शादी के 15 दिन बाद ही बुझा दिया घर का चिराग"

पैरी के परिवार के लिए यह सदमा आज भी ताजा है। उसकी शादी हत्या से महज 15 दिन पहले 13 नवंबर को हुई थी। गोल्डी बराड़ ने एक वायरल ऑडियो में दावा किया था कि लॉरेंस ने खुद पैरी को फोन कर शादी की बधाई दी थी और फिर उसे धोखे से बुलाकर मरवा दिया। पुलिस का कहना है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब ट्रायल शुरू होगा, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के सभी दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सकेगी।