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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड की राजधानी में प्रकृति और सौंदर्य के प्रेमियों के लिए बड़ी खबर है। देहरादून स्थित राजभवन के दरवाजे एक बार फिर आम जनता के लिए खुलने जा रहे हैं। आगामी 27 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक राजभवन में भव्य 'वसंतोत्सव' का आयोजन किया जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू और छटा बिखरेगी। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) गुरमीत सिंह ने इस उत्सव की तैयारियों को लेकर विशेष जानकारी साझा की है।

बिना मिट्टी (Soil-less) तकनीक बनेगी आकर्षण का केंद्र

इस साल का वसंतोत्सव केवल फूलों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कृषि और बागवानी के क्षेत्र में हो रहे आधुनिक नवाचार (Innovation) को भी प्रमुखता दी गई है। राज्यपाल ने बताया कि इस बार 'सोइल लेस' (Soil-less Technology) यानी बिना मिट्टी के पौधे उगाने की तकनीक को भी प्रदर्शनी का हिस्सा बनाया जाएगा। यह तकनीक न केवल भविष्य की खेती के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में बागवानी के शौकीनों के लिए भी वरदान साबित हो रही है।

क्या है इस साल की खास थीम?

इस वर्ष वसंतोत्सव की थीम "पुष्पों के माध्यम से शारीरिक, सामाजिक व आर्थिक कल्याण" रखी गई है। राज्यपाल के अनुसार, फूल केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ये सकारात्मकता का संचार करते हैं और पहाड़ों की आर्थिकी का एक बड़ा आधार भी हैं। आध्यात्मिक दृष्टि से भी पुष्प प्रकृति की अनंतता और समरसता का संदेश देते हैं। तनावपूर्ण जीवनशैली में प्रकृति के करीब आना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है।

165 पुरस्कारों की होगी बौछार, 30 से अधिक विभाग शामिल

वसंतोत्सव के इस तीन दिवसीय आयोजन में उत्तराखंड के 30 से अधिक सरकारी विभाग और निजी समूह अपनी सहभागिता दर्ज करेंगे। फूलों की विभिन्न श्रेणियों और उनकी गुणवत्ता के आधार पर विजेताओं का चयन किया जाएगा, जिसके लिए कुल 165 पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पुष्प उत्पादन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों और काश्तकारों को एक मंच प्रदान करना है, ताकि उन्हें नए अवसर मिल सकें।

राजभवन के लोकभवन में होने वाला यह आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति के प्रति प्रेम को दर्शाने वाला एक गौरवशाली अवसर होगा। अगर आप भी फूलों के शौकीन हैं और आधुनिक बागवानी के गुर सीखना चाहते हैं, तो 27 फरवरी से 1 मार्च के बीच राजभवन देहरादून जरूर पहुंचें।