कुछ भी खाते या ठंडा-गर्म पीते ही दांतों में होने लगती है तेज झनझनाहट
भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली और गलत खानपान के दौर में हमारे शरीर का हर हिस्सा किसी न किसी तनाव से गुजर रहा है, और इसमें हमारे दांत भी पीछे नहीं हैं। सुबह की गर्मागर्म चाय की चुस्की लेते वक्त या फिर किसी ठंडी आइसक्रीम का लुत्फ उठाते वक्त यदि अचानक आपके मुंह में कोई तेज और सिहरन पैदा करने वाली झनझनाहट या चुभन महसूस होती है, तो आप इसे सिर्फ आम सेंसिटिविटी मानकर नजरअंदाज करने की भूल बिल्कुल न करें। डेंटिस्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह मानना है कि यह समस्या हमेशा केवल इनेमल (Enamel) के कमजोर होने तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके पीछे दांत के भीतर छिपी हुई एक बहुत ही खतरनाक और अदृश्य दरार (Cracked Tooth Syndrome) भी हो सकती है। जब दांतों पर लगातार अत्यधिक दबाव पड़ता है, रात में दांत पीसने की आदत होती है या फिर किसी सख्त चीज को अचानक चबा लिया जाता है, तब दांत की बाहरी परत पर बाल जैसी पतली दरारें आ जाती हैं जो नग्न आंखों से आसानी से दिखाई नहीं देतीं। इस विस्तृत लेख में हम जानेंगे कि दांतों की यह झनझनाहट क्यों होती है, छिपी हुई दरार के क्या लक्षण हैं और समय रहते इससे कैसे बचा जा सकता है।
दांतों की झनझनाहट को सिर्फ आम सेंसिटिविटी समझना क्यों पड़ सकता है भारी?
हम अक्सर यह मान लेते हैं कि ठंडी या गर्म चीज खाने पर होने वाली झनझनाहट उम्र के साथ होने वाली सामान्य समस्या है और किसी भी टूथपेस्ट से ब्रश करने पर यह ठीक हो जाएगी। हालांकि, दंत विज्ञान यह कहता है कि जब दांत की संरचना के भीतर कोई अदृश्य क्रैक या फ्रैक्चर आ जाता है, तो जैसे ही आप कुछ चबाते हैं या कोई ठंडा-गर्म तरल पदार्थ पीते हैं, वह दरार खुलती और बंद होती है। इस हलचल के कारण दांत के भीतर मौजूद पल्प (Nerve Pulp) पर अचानक दबाव पड़ता है, जिससे तंत्रिकाएं तुरंत प्रतिक्रिया देती हैं और आपको एक तेज, झकझोर देने वाला दर्द या झनझनाहट महसूस होती है। यदि इस शुरुआती चेतावनी को लगातार नजरअंदाज किया जाता रहे, तो वह छोटी सी दरार धीरे-धीरे दांत के जड़ तक गहरी हो जाती है, जिसके बाद इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और अंततः रूट कैनाल ट्रीटमेंट (Root Canal) या दांत निकलवाने की नौबत तक आ सकती है।
दांत में छिपी दरार (Cracked Tooth) के प्रमुख कारण और रोज़मर्रा की अनजाने आदतें
डेंटल एक्सपर्ट्स के अनुसार, दांतों में इस प्रकार की गुप्त दरारें पड़ने के पीछे कई मुख्य कारण और हमारी कुछ अनजाने आदतें जिम्मेदार होती हैं। सबसे बड़ा कारण 'ब्रक्सिज्म' (Bruxism) यानी सोते समय अनजाने में दांतों को जोर-जोर से भींचना या पीसना है, जो आज के तनावपूर्ण जीवन में एक आम समस्या बन चुका है। इसके अलावा, कई लोगों को शौक होता है कि वे अचानक किसी बहुत सख्त चीज जैसे कि बर्फ के टुकड़े, पॉपकॉर्न के कड़े दाने, नट्स या पेन की कैप को अपने दांतों से चबाने लगते हैं। दांतों की मजबूती उम्र के साथ या सही देखभाल न मिलने के कारण वैसे भी कम होने लगती है, और जब ऐसे में उन पर अचानक दबाव पड़ता है, तो वे अंदर से चटक जाते हैं। कभी-कभी किसी पुरानी फिलिंग या कैविटी वाले दांत पर भी अधिक दबाव पड़ने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो जाती है, और मरीज को यह समझ ही नहीं आता कि उसके किस दांत में और कहां तकलीफ हो रही है, क्योंकि इसका दर्द पूरे जबड़े में घूमता हुआ महसूस होता है।
कैसे पहचानें कि आपके दांत में कोई छिपी हुई दरार मौजूद है या नहीं?
दांत के भीतर मौजूद इस गुप्त दरार को आम आईने में देखकर पहचान पाना बेहद मुश्किल होता है, क्योंकि यह बाल जैसी बारीक होती है। हालांकि, कुछ खास लक्षणों के जरिए आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं। जब भी आप किसी चीज को चबाकर छोड़ते हैं (यानी जब दबाव रिलीज होता है), तब यदि आपको उस दांत में एक तेज और अचानक चुभन या दर्द महसूस हो, तो यह क्रैक टूथ सिंड्रोम का सबसे पक्का संकेत माना जाता है। इसके अलावा, यदि कोई विशेष दांत किसी एक निश्चित तापमान (बहुत ठंडी या बहुत गर्म चीज) के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो गया है और उसका दर्द कुछ सेकंड तक बना रहता है, तो आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। कई बार मसूढ़ों में उस खास दांत के पास हल्की सी सूजन या पस जैसी स्थिति भी बन जाती है जो यह बताती है कि भीतर का संक्रमण अब गंभीर रूप धारण कर चुका है।
समय पर डेंटिस्ट के पास जाना और आधुनिक उपचार के जरिए बचाव के उपाय
यदि आपको भी इस प्रकार की झनझनाहट और चबाते समय दर्द का सामना करना पड़ रहा है, तो बिना एक पल गंवाए किसी अच्छे दंत चिकित्सक (Dentist) से संपर्क करना ही सबसे समझदारी भरा कदम है। आधुनिक डेंटिस्ट्री में ऐसे कई विशेष उपकरण और माइक्रोस्कोप आ चुके हैं जिनकी मदद से इन छिपी हुई दरारों को आसानी से डिटेक्ट किया जा सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर आपको क्राउन (Cap) लगाने, बॉन्डिंग करने या फिर रूट कैनाल थेरेपी की सलाह दे सकते हैं, ताकि आपके प्राकृतिक दांत को बचाया जा सके। इसके साथ ही, रात में दांत पीसने की आदत से परेशान लोगों को 'नाइट गार्ड' (Night Guard) पहनने की सलाह दी जाती है ताकि सोते समय दांतों पर अत्यधिक दबाव न पड़े। अपने खानपान में बहुत ज्यादा कड़क चीजों से परहेज करें, नियमित रूप से डेंटिस्ट से जांच कराएं और अपने दांतों की सेहत को कभी भी हल्के में न लें, क्योंकि एक छोटी सी सावधानी आपको भविष्य के बड़े और दर्दनाक खर्चों से बचा सकती है।