हॉकी का जिक्र कर पंजाब कांग्रेस के नेताओं पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा तंज
पंजाब की राजनीतिक सरगर्मी इन दिनों अपने पूरे उफान पर है और विभिन्न दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग लगातार तीखी होती जा रही है। इसी कड़ी में राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने अपनी अनोखी और चुटीली राजनीतिक शैली का परिचय देते हुए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और खासकर पूर्व हॉकी खिलाड़ी व कांग्रेस नेता परगट सिंह पर एक जोरदार और कटाक्षपूर्ण तंज कसा है। एक राजनीतिक सभा के दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मान ने हॉकी के खेल के नियमों का हवाला देते हुए 'नो पास, नो गोल' (No Pass, No Goal) का जिक्र किया और कांग्रेस की अंदरूनी कलह और गुटबाजी पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि खेल के मैदान में यदि सही समय पर पास न दिया जाए तो गोल नहीं होता, और यही हाल आज पंजाब कांग्रेस का हो चुका है जहां नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने के चक्कर में अपनी ही पार्टी के साथियों को पास देने के बजाय गोल करने की होड़ में लगे हैं, जिससे अंततः उनकी पूरी टीम मैदान से बाहर हो जाती है। इस बयान के सामने आने के बाद से सूबे की सियासत में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों के बीच तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का परगट सिंह पर सीधा वार, राजनीतिक और खेल के मैदान का अंतर समझाया
पंजाब की राजनीति में अपनी हाजिरजवाबी के लिए मशहूर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने भाषण के दौरान परगट सिंह का नाम लिए बिना या सीधा संदर्भ देते हुए यह कहा कि कुछ नेता खेल के मैदान की ख्याति का इस्तेमाल राजनीति में अपनी चमक बिखेरने के लिए करते हैं, लेकिन राजनीति और खेल के मैदान की वास्तविकता में जमीन-आसमान का फर्क होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल में अनुशासन, टीम वर्क और नियमों का पालन सर्वोपरि होता है, जबकि कांग्रेस पार्टी में न तो कोई अनुशासन बचा है और न ही कोई टीम वर्क है। परगट सिंह, जो खुद भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और एक दिग्गज खिलाड़ी रह चुके हैं, उनकी राजनीतिक कार्यशैली और बयानों पर तंज कसते हुए सीएम मान ने कहा कि मैदान पर तो वे खिलाड़ियों को पास देते थे, लेकिन राजनीति में आकर वे केवल अपने व्यक्तिगत हितों को साधने में लगे रहे और जनता के मुद्दों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है कि क्या खेल की पृष्ठभूमि वाले नेताओं के लिए राजनीति की पिच पर टिकना उतना आसान होता है जितना वे समझते हैं।
पंजाब कांग्रेस की आपसी कलह और गुटबाजी पर मुख्यमंत्री का करारा प्रहार
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने इस संबोधन में केवल एक नेता पर नहीं बल्कि पूरी पंजाब कांग्रेस की कार्य संस्कृति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री बनने और अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की जो दौड़ लगी हुई है, उसकी वजह से आज पार्टी जनता के दिलों से पूरी तरह उतर चुकी है। पंजाब की जनता सब जानती है कि किस तरह कांग्रेस के नेता आपसी खींचतान और कुर्सी की लड़ाई में व्यस्त रहते हैं और जब प्रदेश के विकास की बात आती है, तो वे चुप्पी साध लेते हैं। 'नो पास, नो गोल' का यह तंज वास्तव में कांग्रेस के उस आंतरिक राजनीतिक चरित्र पर था जहाँ हर नेता अपने ही दल के साथी को पीछे खींचने की कोशिश में रहता है। मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पंजाब के विकास के लिए दिन-रात काम कर रही है, जबकि विपक्षी दल केवल बयानबाजी और छींटाकशी की राजनीति तक सीमित होकर रह गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में भगवंत मान के इस बयान के क्या हैं मायने?
राजनीतिक गलियारों और चुनावी विशेषज्ञों का मानना है कि भगवंत मान का यह बयान पूरी तरह से सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है जिसके जरिए वे विपक्षी दलों के नेताओं को उनके पुराने पृष्ठभूमियों के जरिए घेरने की कोशिश कर रहे हैं। जब कोई राजनेता किसी विशेष खेल या क्षेत्र से जुड़ा होता है, तो उसकी छवि का राजनीतिक मंच पर किस तरह उपयोग या मुकाबला किया जाना है, इसमें सीएम मान माहिर माने जाते हैं। इस तरह के बयानों से न केवल मीडिया और सोशल मीडिया पर एक राजनीतिक बहस छिड़ती है, बल्कि जनता का ध्यान भी सरकार के कामकाज से हटाकर राजनीतिक और दलीय तनातनी की ओर आकर्षित होता है। आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में इस बयान पर और अधिक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं, क्योंकि कांग्रेस के नेता भी इस प्रकार के हमलों का जवाब देने के लिए लगातार मैदान में उतर रहे हैं। बहरहाल, 'नो पास, नो गोल' का यह राजनीतिक जुमला इस वक्त पंजाब के राजनीतिक बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई इसके अलग-अलग सियासी मायने निकाल रहा है।