रांची में खूंखार चेन स्नैचरों और पुलिस के बीच भीषण मुठभेड़
देश के विभिन्न हिस्सों में अपराध का ग्राफ किस तरह बदल रहा है और अपराधी अब किस हद तक दुस्साहसी हो चुके हैं, इसकी एक बानगी हाल ही में झारखंड की राजधानी रांची से सामने आई है, जहां कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाले चेन स्नैचरों और रांची पुलिस के बीच एक सनसनीखेज मुठभेड़ हुई है। रांची शहर में आए दिन महिलाओं के गले से चेन झपटने और लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने जब घेराबंदी की, तो बदमाशों ने कानून के रखवालों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गैंग के मुख्य सरगना के पैर में गोली जा लगी, जिसके बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। मौके की नजाकत को भांपते हुए पुलिस टीम ने बिना एक पल गंवाए इस खूंखार सरगना समेत कुल तीन शातिर अपराधियों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस हाई-वोल्टेज एनकाउंटर के बाद से झारखंड की राजधानी रांची के आपराधिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पुलिस अब अपराधियों के प्रति कितनी आक्रामक और सख्त हो चुकी है।
कैसे रची गई थी रांची में इस शातिर चेन स्नैचर गैंग की गिरफ्तारी की साजिश?
रांची के विभिन्न इलाकों—विशेषकर भीड़भाड़ वाले बाजारों, मॉर्निंग वॉक करने वाले रास्तों और सुनसान सड़कों पर—पिछले कुछ हफ्तों से लगातार चेन स्नैचिंग और लूटपाट की वारदातों में अचानक बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी। आम जनता और खासकर महिलाओं के बीच इन बढ़ती घटनाओं को लेकर भारी डर और आक्रोश का माहौल था, जिसके बाद रांची के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस गिरोह को दबोचने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स और एंटी-क्राइम चेकिंग दल का गठन किया था। खुफिया तंत्र और सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस लगातार इन बदमाशों की तलाश में जुटी हुई थी। गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस को यह पता चला कि यह कुख्यात गैंग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए रांची के एक सुनसान इलाके में इकट्ठा होने वाला है, तो स्थानीय पुलिस और स्पेशल टीम ने योजनाबद्ध तरीके से उस पूरे क्षेत्र को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस को उम्मीद नहीं थी कि साधारण चेन स्नैचिंग करने वाले ये अपराधी पुलिस पर सीधे जानलेवा हमला करने के लिए इतने हथियारबंद होकर घूम रहे हैं।
पुलिस पर फायरिंग और जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ गैंग का सरगना
जैसे ही पुलिस टीम ने संदिग्ध बदमाशों को सरेंडर करने के लिए कहा, तो खुद को चारों तरफ से घिरा देख आरोपियों ने कानून का सामना करने के बजाय पुलिस पार्टी पर सीधे गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अचानक हुई इस फायरिंग से कुछ पलों के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों ने बिना अपना संयम खोए तुरंत मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस द्वारा चलाई गई गोलीबारी के दौरान गिरोह का मुख्य सरगना पैर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसके भागने के सारे रास्ते बंद हो गए। सरगना के घायल होकर गिरते ही बाकी के साथियों के हौसले पस्त हो गए और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे और उसके दो अन्य सहयोगियों को मौके पर ही धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, लूटी गई सोने-चांदी की चेन और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली बिना नंबर की तेज रफ्तार मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं।
अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए रांची पुलिस की सख्त रणनीति
इस सफल एनकाउंटर और गिरफ्तारी के बाद रांची पुलिस के आला अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे अभियान की जानकारी दी और यह स्पष्ट संदेश दिया कि राजधानी में किसी भी प्रकार के संगठित अपराध या कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए इन आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और ये लोग शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्जनों चैन स्नैचिंग व लूट की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। गिरफ्तार किए गए अन्य दो अपराधियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस उन सुनार या ज्वेलर्स का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है, जो इन शातिर चोरों से अवैध रूप से लूटा हुआ सोना या जेवर खरीदा करते थे। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है और रांची पुलिस की इस त्वरित व साहसिक कार्रवाई की भूरी-भूरी प्रशंसा कर रहे हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि अपराध का रास्ता अपनाने वालों का अंजाम अंततः सलाखों के पीछे ही होता है।