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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ज्ञान की भूमि बोधगया में विदेशी बौद्ध मठों (मोनिस्ट्री) के नाम पर चल रहे 'व्यावसायिक खेल' पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। बोधगया मंदिर प्रबंधकारिणी समिति (BTMC) के अध्यक्ष सह जिला पदाधिकारी (DM) शशांक शुभंकर ने मठों में बड़े पैमाने पर मिल रही अनियमितताओं की शिकायतों के बाद नए निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही, इन मठों की कुंडली खंगालने के लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।

धार्मिक स्थल या व्यापार का अड्डा? होटल एसोसिएशन ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा

बोधगया में पिछले एक दशक में मोनिस्ट्री की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल गई है। विदेशी श्रद्धालुओं के आवासन के लिए बनी ये मोनिस्ट्री अब होटल और बाजार के प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभर आई हैं। बोधगया होटल एसोसिएशन का आरोप है कि ये मठ पूरी तरह व्यावसायिक केंद्र बन चुके हैं, जिससे स्थानीय होटलों, टूर एंड ट्रैवल्स और बाजार को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। यह मामला फिलहाल पटना उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

जांच के घेरे में 150 मोनिस्ट्री: विदेशी मुद्रा और वीजा सत्यापन की होगी पड़ताल

नगर परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार, बोधगया में केवल 55 मोनिस्ट्री ही विधिवत नक्शा पास कराकर टैक्स जमा कर रही हैं। लेकिन वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर 150 के करीब पहुंच गई है। जांच कमेटी निम्नलिखित बिंदुओं पर 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी:

नक्शा स्वीकृति: 2016 के बाद बिना नक्शा पास कराए हुए अवैध निर्माण।

व्यावसायिक उपयोग: धार्मिक प्रयोजन की आड़ में कमरों का होटल की तरह इस्तेमाल।

विदेशी मुद्रा विनियमन (FEMA): मठों में होने वाले विदेशी मुद्रा के लेनदेन की सत्यता।

सुरक्षा और वीजा: विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना और उनके वीजा का भौतिक सत्यापन।

टैक्स चोरी: वाणिज्य कर, सेवा कर और नगर परिषद के करों का भुगतान न करना।

2016 से बंद है नक्शा पास करने की प्रक्रिया

हैरानी की बात यह है कि बोधगया नगर परिषद ने वर्ष 2016 के बाद से किसी भी भवन का नक्शा पारित नहीं किया है। इसके बावजूद शहर की गलियों में धड़ल्ले से मोनिस्ट्री और होटलों का निर्माण हो गया। डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग से वार्ता चल रही है और जल्द ही पारदर्शी तरीके से नक्शा पास करने की प्रक्रिया पुन: शुरू की जाएगी।

जापान से लेकर वियतनाम तक के हैं मठ

बोधगया में जापान, म्यांमार, थाईलैंड, नेपाल, वियतनाम, भूटान और तिब्बत जैसे देशों की मोनिस्ट्री हैं, जिनमें सर्वाधिक संख्या थाईलैंड की है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित हो रहे विदेशी केंद्रों में हड़कंप मच गया है। अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) की अध्यक्षता वाली यह कमेटी 7 मार्च 2026 तक अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी, जिसके बाद बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण या भारी जुर्माने की कार्रवाई संभव है।