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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार का ऐतिहासिक शहर लखीसराय अब विकास की नई इबारत लिखने को तैयार है। नगर परिषद लखीसराय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2 अरब रुपये से अधिक का भारी-भरकम बजट तैयार कर लिया है। शहर के सभी 33 वार्डों की सूरत बदलने और आधुनिक नागरिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया यह बजट, शहर के इतिहास का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी योजना प्रारूप माना जा रहा है।

किऊल नदी पर चेकडैम: जलस्तर सुधारने के लिए 25 करोड़ का बड़ा दांव

इस बजट की सबसे क्रांतिकारी योजना शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली किऊल नदी से जुड़ी है। नदी के घटते जलस्तर और पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए जमुई मोड़ से विद्यापीठ चौक के बीच चार स्थानों पर चेकडैम बनाने का प्रस्ताव है। लगभग 25 करोड़ रुपये की इस परियोजना से न केवल नदी में सालभर पानी रहेगा, बल्कि शहर का भू-जल स्तर (Ground Water Level) भी सुधरेगा।

डबल इंजन का फायदा: उपमुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र को विशेष सौगात

लखीसरायवासियों के लिए इस बजट का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि क्षेत्रीय विधायक विजय कुमार सिन्हा वर्तमान में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री भी हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि प्रस्तावित योजनाओं को राज्य स्तर से न केवल त्वरित स्वीकृति मिलेगी, बल्कि फंड की भी कोई कमी नहीं होगी।

स्वच्छता और रोशनी पर 50 करोड़ का फोकस

शहर को स्मार्ट लुक देने के लिए बजट में स्ट्रीट लाइट और हाई मास्क लाइटों की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये का विशाल प्रविधान किया गया है। वहीं, शहर के जल निकासी और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर परिषद के सभापति अरविंद पासवान के अनुसार, बजट का प्रारूप संतुलित विकास और बुनियादी ढांचे को फौलादी बनाने के लिए तैयार किया गया है।

जानिए कहां कितना होगा खर्च (संभावित आवंटन):

विकास योजनाअनुमानित बजट
गली-नाली निर्माण कार्य₹80 करोड़
स्ट्रीट व हाई मास्क लाइट₹50 करोड़
किऊल नदी चेकडैम परियोजना₹25 करोड़
ड्रेनेज व जल निकासी सिस्टम₹17 करोड़
पेयजल एवं जल-जीवन-हरियाली₹04 करोड़
प्रमुख चौराहों का सुंदरीकरण₹02 करोड़

28 फरवरी को लगेगी अंतिम मुहर

बजट की समयरेखा स्पष्ट हो चुकी है। 27 फरवरी को सशक्त स्थायी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर गहन मंथन होगा। यदि वहां से हरी झंडी मिलती है, तो 28 फरवरी को नगर परिषद बोर्ड की सामान्य बैठक में इसे अंतिम रूप से पारित कर दिया जाएगा। शहरवासियों को उम्मीद है कि इस बार कागज पर उकेरी गई ये विकास की लकीरें धरातल पर भी नजर आएंगी।