Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ज्योतिषियों का मानना है कि महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोजन हो रहा है। भादर्व योग भी बन रहा है। इस योग के दौरान भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने से भक्तों को शाश्वत लाभ प्राप्त होते हैं। साथ ही, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस शुभ अवसर पर मंदिरों में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है ।
महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है । यह त्योहार भगवान शिव, जो देवताओं के स्वामी हैं, और देवी पार्वती, जो ब्रह्मांड की देवी हैं , को समर्पित है। इस शुभ अवसर पर शिव और शक्ति की श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है। मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए महाशिवरात्रि पर उपवास भी रखा जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इससे घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। इस शुभ दिन पर भगवान शिव का जल अभिषेक किया जाता है। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि की सही तिथि और शुभ मुहूर्त ।
महाशिवरात्रि कब है ?
वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 5:34 बजे से शुरू होगी और 16 फरवरी को शाम 6:04 बजे समाप्त होगी। महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर , भगवान शिव की रात में पूजा की जाती है। महाशिवरात्रि (फाल्गुन चतुर्दशी व्रत तिथि ) 15 फरवरी को मनाई जाएगी ।
महाशिवरात्रि पूजा का शुभ समय
महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर , 15 फरवरी को शाम 5:54 से रात 9:03 बजे तक पूजा की जा सकती है। इसके बाद, पूजा का शुभ समय रात 9:03 बजे से रात 12:12 बजे तक है। इस दौरान भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी । भक्त 16 फरवरी को अपना व्रत तोड़ सकते हैं। भक्त सुबह 6:31 से सुबह 3:03 बजे तक पारणा कर सकते हैं ।
पूजा-अर्चना का शुभ समय
निशिता काल के दौरान पूजा-अर्चना का शुभ समय रात 11:47 बजे से 12:38 बजे तक है।
महाशिवरात्रि योग
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि , यानी महाशिवरात्रि , सर्वार्थ सिद्धि योग का एक दुर्लभ संयोग है । इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त भी है । इतना ही नहीं, महाशिवरात्रि पर भद्रवास योग भी बन रहा है । इस योग के दौरान भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
पंचग
सूर्योदय - सुबह 6:32 बजे
सूर्यास्त - शाम 5:54
ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 4:50 से प्रातः 5:41 तक
विजय मुहूर्त - 2:06 AM से 2:52 AM तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 5:51 से शाम 6:17 तक
निशिता मुहूर्त- रात 11:47 बजे से 12:38 बजे तक




