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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार की धरती एक बार फिर अपनी मेधा के कारण देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा शुक्रवार, 6 मार्च को घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणामों में नवादा जिले की रीतिका पांडेय (Ritika Pandey) ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से जिले का नाम रोशन कर दिया है। रीतिका ने अखिल भारतीय स्तर पर 185वीं रैंक हासिल की है। यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि नवादा के उन सैकड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है जो बड़े सपने देखते हैं।

तीसरे प्रयास में पूरा हुआ 'अधिकारी' बनने का सपना

रीतिका पांडेय की यह सफलता उनके अटूट धैर्य की कहानी है। रीतिका का यह तीसरा प्रयास था। पिछले दो प्रयासों में उन्हें वह मुकाम हासिल नहीं हुआ था जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी कमियों को पहचानकर और उन पर काम करते हुए उन्होंने 185वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि "कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।" रीतिका की इस उपलब्धि पर उनके पिता, जो कि एक स्थानीय व्यवसायी हैं, और उनकी माता की आंखों में खुशी के आंसू हैं।

नवादा के 'मिर्जापुर' गांव से निकलकर दिल्ली तक का सफर

रीतिका मूल रूप से नवादा जिले के मिर्जापुर गांव की रहने वाली हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नवादा में ही हुई, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली के मिरांडा हाउस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। रीतिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के अटूट समर्थन और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है। उन्होंने बताया कि उनकी रुचि शुरू से ही प्रशासनिक क्षेत्र में थी और वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए काम करना चाहती हैं।

बिहार का दबदबा: शुभम और विशाल के बाद रीतिका की चमक

UPSC 2025 के परिणामों में बिहार के कई अभ्यर्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। नवादा की रीतिका के अलावा गया, मुजफ्फरपुर और सहरसा जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में छात्रों ने सफलता हासिल की है। रीतिका की 185वीं रैंक उन्हें संभवतः भारतीय पुलिस सेवा (IPS) या भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के करीब ले जाएगी। नवादा के जिलाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने रीतिका के घर पहुँचकर उन्हें और उनके परिवार को सम्मानित किया और मिठाई खिलाई।