Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारतीय रेलवे अपने करोड़ों यात्रियों के सफर को और भी आरामदायक और लचीला बनाने के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है। अक्सर यात्रियों को अंतिम समय में अपना स्टेशन बदलना पड़ता है, लेकिन पुराने नियमों की वजह से उन्हें परेशानी होती थी। अब रेलवे बोर्ड के एक नए प्रस्ताव के अनुसार, यात्री ट्रेन के प्रस्थान से महज 15 से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। यानी अब चार्ट तैयार होने की आखिरी घड़ी तक आपके पास स्टेशन बदलने का विकल्प मौजूद रहेगा।
दूसरे चार्टिंग तक मिलेगी सुविधा, खत्म होगा पुराने नियमों का झंझट
वर्तमान नियमों के मुताबिक, यात्री केवल 'पहला आरक्षण चार्ट' तैयार होने तक ही अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए यह चार्ट ट्रेन छूटने से करीब 8 से 12 घंटे पहले ही बन जाता है। ऐसे में अंतिम समय पर स्टेशन बदलना नामुमकिन होता था। नए प्रस्ताव के तहत, अब दूसरी आरक्षण सूची (Second Charting) तैयार होने तक यह बदलाव संभव होगा। आमतौर पर दूसरा चार्ट ट्रेन प्रस्थान से 30 मिनट पहले बनता है, लेकिन वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में यह समय सीमा महज 15 मिनट हो सकती है।
प्रीमियम ट्रेनों से होगी शुरुआत, फिर सभी में होगा लागू
रेलवे इस नई सुविधा को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बना रहा है। सबसे पहले इसे वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। सॉफ्टवेयर में जरूरी तकनीकी बदलाव होने के बाद इसे देश की सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा। इससे उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो शहर के ट्रैफिक या किसी इमरजेंसी के कारण निर्धारित स्टेशन के बजाय अगले किसी नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहते हैं।
CRIS से मांगी गई तकनीकी रिपोर्ट
इस बड़े बदलाव को अमली जामा पहनाने के लिए रेलवे बोर्ड के निदेशक (यात्री विपणन-II) संजय मनोचा ने CRIS (सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स) को पत्र लिखकर तकनीकी व्यवहार्यता रिपोर्ट मांगी है। बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बोर्डिंग पॉइंट को दूसरे चार्ट तक बदलने की अनुमति देने से रेलवे के सॉफ्टवेयर सिस्टम पर कोई अतिरिक्त दबाव या त्रुटि तो नहीं आएगी। रिपोर्ट मिलते ही इस सुविधा के रोल-आउट की तारीखों का ऐलान हो सकता है।
अंतिम समय में यात्रा करने वालों को बड़ी राहत
अक्सर देखा गया है कि यात्री किसी वजह से मुख्य स्टेशन नहीं पहुंच पाते और अगले स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की कोशिश करते हैं। पुराने नियमों में, बोर्डिंग पॉइंट न बदलने पर टीटीई (TTE) उस सीट को किसी अन्य यात्री को आवंटित कर सकता था। लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यात्रियों के पास आखिरी 15 मिनट तक अपनी सीट सुरक्षित रखने और बोर्डिंग पॉइंट अपडेट करने की पूरी स्वतंत्रता होगी।




