Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने पत्तों का खुलासा कर दिया है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी द्विवार्षिक चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है, जिसमें सबसे चौंकाने वाला और बड़ा नाम पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का है। उनके साथ ही पार्टी ने अनुभवी संगठनकर्ता और पूर्व विधायक शिवेश कुमार पर भी भरोसा जताया है। भाजपा के इस फैसले ने न केवल बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है, बल्कि पार्टी के भविष्य के रोडमैप के संकेत भी दे दिए हैं।
नितिन नवीन: विधानसभा से राज्यसभा तक का सफर
नितिन नवीन का नाम राज्यसभा के लिए चुना जाना बिहार भाजपा के लिए गौरव की बात मानी जा रही है।
कद्दावर नेता: पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक रहे नितिन नवीन वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
अनुभव: बिहार सरकार में पथ निर्माण और नगर विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभालने वाले नवीन को एक कुशल रणनीतिकार और संगठनकर्ता माना जाता है।
रणनीति: उनके राज्यसभा जाने से यह स्पष्ट है कि आलाकमान उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका के लिए पूरी तरह तैयार कर चुका है।
शिवेश कुमार: दलित चेहरे और संगठन पर पकड़ का मिला इनाम
बिहार से भाजपा के दूसरे उम्मीदवार शिवेश कुमार का नाम राजनीतिक गलियारों में 'सरप्राइज' की तरह देखा जा रहा है।
विरासत: शिवेश कुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री मुनीलाल के पुत्र हैं और दलित (रविदास) समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
अनुभव: वे 2010 में अगिआंव सीट से विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में बिहार भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं।
खासियत: संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आने वाले शिवेश कुमार को जमीन से जुड़ा नेता माना जाता है। उनकी उम्मीदवारी के जरिए भाजपा ने दलित समुदाय को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।
NDA की बढ़त: उपेंद्र कुशवाहा भी रेस में
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर होने वाले इस चुनाव में भाजपा ने अपने दो उम्मीदवारों के साथ स्थिति स्पष्ट कर दी है। वहीं, चर्चा है कि एनडीए गठबंधन के तहत 'राष्ट्रीय लोक मोर्चा' के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा जा सकते हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को होगा और नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च है।




