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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बहुजन समाज पार्टी में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय संयोजक और बिहार के मुख्य प्रभारी रामजी गौतम पर संगठन को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन नेताओं का कहना है कि पार्टी के भीतर एकतरफा फैसले लिए जा रहे हैं, जिससे जमीनी कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

सोमवार को जिलाध्यक्ष सुभाष गौतम के नेतृत्व में जिला प्रभारी कमलेश कुमार राव, मुकेश पासवान, शिव बहादुर पटेल, वीरेंद्र कुमार डोम, बड़क राम, पप्पू पटेल, अयोध्या राम, अनिल कुमार गौतम, विजेंद्र सिंह, देवमुनि राम और अनिल कुशवाहा सहित करीब दो दर्जन नेताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सभी ने संयुक्त रूप से त्यागपत्र सौंपते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।

जारी प्रेस बयान में इन नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में बसपा को जानबूझकर कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि विरोधी राजनीतिक दलों से मेल-जोल बढ़ाकर पार्टी के हितों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। साथ ही अति पिछड़ा और पिछड़ा वर्ग से जुड़े कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, उन्हें बिना ठोस कारण के बाहर किया जा रहा है और अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से उन्होंने सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।

इस घटनाक्रम से पहले भी संगठन में हलचल देखने को मिली थी। बसपा के प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं उनके करीबी माने जाने वाले बक्सर जिले के नेता और विधानसभा चुनाव में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार रहे अभिमन्यु कुशवाहा को निष्कासित कर दिया गया था।

अनिल कुमार लोकसभा चुनाव में बक्सर सीट से बसपा के उम्मीदवार रह चुके हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों और निष्कासनों से साफ है कि बक्सर जिले में बसपा का संगठन इस समय गहरे अंतर्विरोधों से जूझ रहा है, जिसका असर आने वाले समय में पार्टी की सियासी स्थिति पर भी पड़ सकता है।