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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड के चमोली जिले में बर्फबारी के बाद शनिवार को मौसम साफ होने से लोगों और प्रशासन को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, जिले के 157 गांव अब भी बर्फ की गिरफ्त में हैं। कई ऐसे गांव भी हैं, जहां करीब 20 साल बाद बर्फबारी देखने को मिली है, जिससे स्थानीय लोग हैरान हैं।

औली तक रास्ता बहाल, फंसे वाहन निकाले गए

लगातार बर्फबारी के कारण पर्यटन स्थल औली की सड़कें बंद हो गई थीं और 20 से अधिक पर्यटन वाहन फंस गए थे। शनिवार सुबह से ही प्रशासन ने युद्धस्तर पर बर्फ हटाने का काम शुरू किया और शाम तक औली सड़क मार्ग को पूरी तरह सुचारू कर दिया गया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी।

कई प्रमुख हाईवे अब भी बंद

शुक्रवार रात तक जारी बर्फबारी के कारण जिले के कई अहम मार्ग अब भी बंद हैं।

मलारी–नीती हाईवे मलारी से आगे अवरुद्ध है।

गोपेश्वर–चोपता मार्ग धोतीधार से आगे बंद पड़ा है।

बदरीनाथ हाईवे हनुमानचट्टी से माणा तक यातायात के लिए बंद है।

इन मार्गों पर सामान्य दिनों में पर्यटकों की अच्छी-खासी आवाजाही रहती है, जिससे कारोबार भी प्रभावित हुआ है।

बिजली संकट से जूझ रहे 20 से ज्यादा गांव

देवाल, गैरसैंण, नौटी, नंदानगर और ज्योतिर्मठ के मलारी क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है। ऊर्जा निगम की टीमें मौके पर डटी हुई हैं और विद्युत लाइनों की मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है।

नीती घाटी में सीमित हुई आवाजाही

नीती घाटी में इन दिनों बाबा बर्फानी यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही हो रही थी, लेकिन भारी बर्फबारी के बाद अब मलारी तक ही जाने की अनुमति दी जा रही है। आगे का मार्ग फिलहाल सुरक्षित नहीं माना जा रहा।

औली में जमी दो फीट से ज्यादा बर्फ, सैलानियों में उत्साह

औली में इस समय दो फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है। बर्फ की सफेद चादर से ढकी पहाड़ियों का दीदार करने के लिए 2000 से ज्यादा पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं। स्थानीय स्तर पर स्कीइंग प्रशिक्षण की शुरुआत भी कर दी गई है, जिससे पर्यटन गतिविधियों को रफ्तार मिली है।

प्रशासन अलर्ट, सड़कें खोलने के निर्देश

आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि औली तक मार्ग बहाल होने से पर्यटकों की आवाजाही सामान्य हो गई है। अन्य बंद सड़कों को खोलने के लिए बीआरओ और एनएच विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

कुल मिलाकर, चमोली में बर्फबारी ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं औली में यह बर्फ पर्यटकों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं साबित हो रही है।