ओलंपिक में मेडल जीतने का सपना, शुरू की कड़ी तैयारी

ओलंपिक में मेडल जीतने का सपना, शुरू की कड़ी तैयारी

खेल जगत के गलियारों से इस वक्त की एक बहुत ही प्रेरणादायक, चौंकाने वाली और खेल प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। देश और दुनिया के लिए कई ऐतिहासिक पदक जीतने वाली और एशियन गेम्स (Asian Games) के मंच पर तिरंगा लहरा चुकी एक दिग्गज महिला चैंपियन खिलाड़ी ने अपने संन्यास के फैसले को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। कुछ समय पहले खेल की दुनिया को टाटा बाय-बाय कह चुकी इस स्टार एथलीट ने अपने दिल की आवाज सुनते हुए ओलंपिक खेलों (Olympic Games) में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने के अपने अधूरे सपने को पूरा करने के लिए एक बार फिर से मैट और मैदान पर वापसी करने का मन बना लिया है। उन्होंने अपना पुराना रिटायरमेंट प्लान बदलते हुए फिर से पसीना बहाना और कड़ा अभ्यास करना शुरू कर दिया है। एथलीट के इस जज्बे और कमबैक की खबर ने पूरे देश में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया है। आइए एक खेल रिपोर्टर की नजर से गहराई से जानते हैं कि इस चैंपियन खिलाड़ी ने रिटायरमेंट वापस लेने का यह बड़ा फैसला क्यों लिया और उनका आगामी ओलंपिक का क्या मास्टर प्लान है।

संन्यास के फैसले को पलटने की क्या रही असली वजह और क्यों जागा ओलंपिक का जुनून?

किसी भी शीर्ष स्तर के एथलीट के लिए संन्यास लेना एक बेहद कठिन और भावनात्मक फैसला होता है। जब कोई खिलाड़ी अपने करियर के चरम पर या चोटों तथा निजी कारणों से खेल को अलविदा कहता है, तो उसे लगता है कि उसका सफर पूरा हो गया है। इस चैंपियन खिलाड़ी ने भी कुछ समय पहले अपने निजी कारणों और थकान का हवाला देते हुए खेल के मैदान से दूर जाने की घोषणा कर दी थी। लेकिन एथलीट के भीतर खेल के प्रति जो आग और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जुनून था, वह कभी कम नहीं हुआ। जब उन्होंने बड़े टूर्नामेंट्स और विशेष रूप से आगामी ओलंपिक खेलों में अपने देश के युवा खिलाड़ियों को संघर्ष करते देखा, तो उनके भीतर का वह पुराना फाइटर जाग उठा। उन्हें महसूस हुआ कि उनका शरीर और उनका अनुभव अभी देश के लिए बहुत कुछ दे सकता है और ओलंपिक पोडियम पर देश का झंडा ऊंचा करने का उनका जो सपना अधूरा रह गया تھا, उसे पूरा करने का वक्त अभी खत्म नहीं हुआ है।

एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता का शानदार अतीत और खेल जगत में दबदबा

वापसी करने वाली यह चैंपियन एथलीट अपने खेल करियर के दौरान दुनिया भर में लोहा मनवा चुकी है। उन्होंने प्रतिष्ठित एशियन गेम्स के मंच पर देश के लिए स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर इतिहास रचा था। इसके अलावा विश्व चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स और तमाम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके नाम कई शानदार पदक दर्ज हैं। उनकी फुर्ती, तकनीक और दबाव की स्थिति में भी संयम बनाए रखने की कला उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा करती है। यही कारण है कि जब उनके संन्यास की खबर आई थी, तो उनके करोड़ों फैंस का दिल टूट गया था। अब उनके दोबारा मैदान पर लौटने के ऐलान के बाद खेल प्रेमियों और खेल संघों में जश्न का माहौल है, क्योंकि हर कोई जानता है कि इस खिलाड़ी की मौजूदगी मात्र से विरोधी खेमे में खौफ पैदा हो जाता है।

फिटनेस टेस्ट, पसीना और कड़ा अभ्यास: फिर से शुरू हुआ संघर्ष का कठिन दौर

लंबी अन-ऑफिशियल छुट्टी और खेल से दूर रहने के बाद दोबारा टॉप लेवल के इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में वापसी करना किसी लोहे के चने चबाने जैसा होता है। लेकिन इस चैंपियन खिलाड़ी ने साबित कर दिया है कि इरादे अगर मजबूत हों तो उम्र और वक्त दोनों को मोड़ा जा सकता है। उन्होंने अपनी वापसी का ऐलान करते ही सबसे पहले अपनी फिजिकल फिटनेस (Physical Fitness) पर काम करना शुरू कर दिया है। वे रोजाना सुबह सूरज निकलने से पहले जिम, रनिंग ट्रैक और ट्रेनिंग सेंटर पर पसीना बहा रही हैं। उनके कोच और सपोर्ट स्टाफ की देखरेख में एक विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार किया गया है, जिसके तहत उनकी स्ट्रेंथ, स्टैमिना, फ्लेक्सिबिलिटी और खेल की तकनीकी कमियों को सुधारा जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह जिद और अनुशासन आने वाले समय में देश के लिए एक बार फिर से कई बड़े मेडल झोली में डालने का दम रखती है।

आगामी ओलंपिक खेलों की तैयारी और देशवासियों से जुड़ी उम्मीदें

इस दिग्गज चैंपियन के कमबैक का सबसे बड़ा और मुख्य लक्ष्य आगामी ओलंपिक खेलों में देश के लिए पोडियम फिनिश करना और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाना है। ओलंपिक का यह मंच हर एथलीट का सबसे बड़ा सपना होता है और इस खिलाड़ी का भी यह अधूरा सपना अब उनकी आंखों में साफ चमक रहा है। खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और संबंधित नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन ने भी इस खिलाड़ी के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है और उन्हें हरसंभव वित्तीय, तकनीकी और मेडिकल सहायता मुहैया कराने का भरोसा दिया है। देश की करोड़ों जनता की दुआएं और उम्मीदें एक बार फिर से इस चैंपियन के साथ जुड़ गई हैं। यह कमबैक सिर्फ एक खिलाड़ी की वापसी नहीं है, बल्कि यह हर उस इंसान के लिए एक मिसाल है जो यह मानता है कि हार मान लेना आसान होता है, लेकिन गिरकर दोबारा उठना और अपने सपनों के लिए लड़ना ही असली जिंदगी है।