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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव (23 अप्रैल 2026) की दहलीज पर खड़ा राज्य एक भीषण मानवीय त्रासदी से दहल उठा है। विरुधुनगर जिले के कट्टनरपट्टी स्थित एक पटाखा कारखाने में हुए सिलसिलेवार दो विस्फोटों ने पूरे इलाके को श्मशान में तब्दील कर दिया। इस भयावह हादसे में अब तक 23 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 16 महिलाएं शामिल हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि कंक्रीट की मजबूत इमारत देखते ही देखते खंडहर बन गई।

रेस्क्यू के दौरान दूसरा धमाका: राहत दल के 13 सदस्य भी घायल

रविवार को हुए इस हादसे ने उस वक्त और भी गंभीर रूप ले लिया जब बचाव अभियान के दौरान अचानक दूसरा विस्फोट हो गया। जिला कलेक्टर डॉ. एन.ओ. सुखपुत्र के अनुसार, जब पुलिस और अग्निशमन दल मलबे में फंसे लोगों को निकाल रहे थे, तभी अंदर रखे बारूद ने दोबारा आग पकड़ ली। इस दूसरे धमाके की चपेट में आने से पुलिसकर्मी, राजस्व विभाग के कर्मचारी और स्वयंसेवकों सहित करीब 13 लोग घायल हो गए। फिलहाल सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और स्थिति पर काबू पाने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने जताया दुख, चुनाव से पहले शोक में डूबा राज्य

हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए इसे अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने फौरन एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को राहत कार्यों की निगरानी के लिए नियुक्त किया है। साथ ही, उन्होंने अपने कैबिनेट मंत्रियों के.के.एस.आर. रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु को घटनास्थल पर रहकर प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।

तमिलनाडु में हादसों का 'ब्लैक वीकेंड': दो दिन में 32 मौतें

यह सप्ताह तमिलनाडु के लिए बेहद मनहूस साबित हो रहा है। पटाखा फैक्ट्री कांड से ठीक एक दिन पहले शनिवार (18 अप्रैल) को वालपराई में एक पर्यटक वैन खाई में गिर गई थी, जिसमें 9 लोगों की जान चली गई थी। दो दिनों के भीतर हुए इन दो बड़े हादसों ने राज्य को हिलाकर रख दिया है। वालपराई हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया था। अब पटाखा फैक्ट्री में हुई 23 मौतों ने औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।