Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजनीति और केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण चेहरे, केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के प्रमुख जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि अज्ञात शरारती तत्वों ने न केवल उन्हें धमकी दी है, बल्कि उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास की रेकी भी की गई है। इस इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस और खुफिया विभाग अलर्ट पर है। इस घटना की खबर जैसे ही पश्चिम उत्तर प्रदेश में फैली, रालोद कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उबाल देखने को मिल रहा है।
दिल्ली आवास की रेकी से सुरक्षा में सेंध का अंदेशा
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से जयंत चौधरी के दिल्ली आवास के आसपास कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं। सूत्रों का दावा है कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उनके घर और आवाजाही के रास्तों की रेकी की है। इसके तुरंत बाद मंत्री के कार्यालय की ओर से सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया। जयंत चौधरी वर्तमान में मोदी सरकार में अहम मंत्रालय संभाल रहे हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर पहले भी अलर्ट जारी किए गए थे, लेकिन 'रेकी' की बात सामने आने के बाद अब उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
धमकी भरे कॉल और संदेशों ने बढ़ाई चिंता
सूत्रों के मुताबिक, जयंत चौधरी को धमकी भरे संदेश और कॉल्स भी मिले हैं, जिसमें उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी धमकी देने वाले गिरोह या व्यक्ति का नाम उजागर नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस की साइबर सेल और स्पेशल सेल इस मामले की तकनीकी जांच में जुट गई है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी संगठित गिरोह या राजनीतिक विद्वेष रखने वाले तत्वों का इसमें हाथ हो सकता है। जयंत चौधरी के करीबी सूत्रों का कहना है कि वे इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और अपना जनसेवा का कार्य जारी रखेंगे।
रालोद कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
इस खबर के आम होते ही पश्चिम उत्तर प्रदेश के बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली सहित कई जिलों में रालोद कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि जयंत चौधरी की सुरक्षा को तत्काल 'Z+' श्रेणी में अपग्रेड किया जाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जयंत चौधरी किसानों और मजलूमों की आवाज हैं, जिन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है।




