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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने तीखे तेवर अपनाए। कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, सरकारी भर्तियों में हो रही देरी और पुराने भर्ती घोटालों की जांच की मांग को लेकर सदन के भीतर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।

नियम 310 के तहत चर्चा की मांग

सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, कांग्रेस के सदस्यों ने नियम 310 (अति-महत्वपूर्ण लोक महत्व के विषय पर चर्चा) के तहत कार्यस्थगन का प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष का आरोप है कि:

प्रदेश के युवाओं के साथ रोजगार के नाम पर छलावा हो रहा है।

कई महत्वपूर्ण विभागों में भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई है।

पूर्व में हुए भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच अभी तक किसी तार्किक परिणति तक नहीं पहुंची है।

सरकार का जवाब: "मामला सीबीआई के पास लंबित"

विपक्ष के हंगामे और चर्चा की मांग पर सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री ने मोर्चा संभाला। सरकार का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा:

भर्ती घोटाले से संबंधित मामला फिलहाल सीबीआई (CBI) के पास लंबित है।

जब मामला पहले से ही केंद्रीय जांच एजेंसी के पास हो और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हो, तो उस पर सदन में इस तरह की जांच या चर्चा तकनीकी रूप से संभव नहीं है।

विपक्ष की जिद और प्रश्नकाल

संसदीय कार्यमंत्री के जवाब से संतुष्ट होने के बजाय विपक्षी दल के नेता और विधायक चर्चा की मांग पर अड़े रहे। पीठ (स्पीकर) द्वारा चर्चा की अनुमति न दिए जाने के विरोध में सदन में काफी देर तक शोरगुल होता रहा। हालांकि, भारी गहमागहमी के बीच आखिरकार सदन में प्रश्नकाल (Question Hour) की शुरुआत हुई, जिसमें अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू किया गया।