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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारतीय ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को वैभव, ऐश्वर्य, सौंदर्य, प्रेम और विलासिता का कारक माना गया है। जिस जातक की कुंडली में शुक्र मजबूत स्थिति में होते हैं, उनके जीवन में कभी सुख-सुविधाओं की कमी नहीं रहती। शुक्र की कृपा मात्र से व्यक्ति साधारण जीवन से उठकर राजसी सुख भोगता है। आइए जानते हैं वे कौन सी भाग्यशाली राशियाँ हैं जिन पर शुक्र देव हमेशा मेहरबान रहते हैं और उन्हें धनवान बनाते हैं।

सुख और समृद्धि के देवता हैं शुक्र

ज्योतिष गणना के अनुसार, शुक्र ग्रह का संबंध सीधे तौर पर देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर से है। यही कारण है कि शुक्रवार का दिन शुक्र ग्रह के साथ-साथ मां लक्ष्मी की पूजा के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। शुक्र की शुभ दृष्टि से व्यक्ति को न केवल भौतिक सुख मिलते हैं, बल्कि उसे समाज में मान-सम्मान और कलात्मक क्षेत्रों में बड़ी सफलता भी प्राप्त होती है।

इन 3 राशियों पर बरसती है शुक्र की विशेष कृपा

शुक्र देव का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है, लेकिन तीन राशियाँ ऐसी हैं जिन्हें शुक्र अपना 'प्रिय' मानते हैं:

वृषभ (Taurus): वृषभ राशि के स्वामी स्वयं शुक्र देव हैं। इस राशि के जातकों पर शुक्र की कृपा जन्मजात होती है। इन्हें सुंदर वस्तुएं, अच्छा भोजन और महंगी गाड़ियों का शौक होता है और शुक्र की मदद से ये अपनी इन इच्छाओं को पूरा भी करते हैं।

तुला (Libra): तुला भी शुक्र के स्वामित्व वाली राशि है। इस राशि के लोग स्वभाव से बहुत संतुलित और कलाप्रेमी होते हैं। शुक्र इन्हें शानदार व्यक्तित्व और बेहतरीन करियर प्रदान करते हैं। आर्थिक मामलों में ये जातक अक्सर भाग्यशाली रहते हैं।

मीन (Pisces): ज्योतिष में शुक्र मीन राशि में 'उच्च' के माने जाते हैं। यानी यहाँ शुक्र अपनी सबसे शक्तिशाली और शुभ अवस्था में होते हैं। मीन राशि वालों को शुक्र की कृपा से जीवन में सच्चा प्रेम, सुखद वैवाहिक जीवन और अपार संपत्ति प्राप्त होती है।

शुक्र को प्रसन्न करने के अचूक उपाय

यदि आपकी राशि शुक्र के अनुकूल नहीं है या कुंडली में शुक्र कमजोर हैं, तो इन आसान उपायों से उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है:

सफेद वस्तुओं का दान: शुक्रवार के दिन सफेद चीजें जैसे चावल, चीनी, दूध या सफेद वस्त्र का दान करना अत्यंत शुभ होता है।

शिव उपासना: माना जाता है कि भगवान शिव की पूजा करने से शुक्र ग्रह के दोष शांत होते हैं और वे शुभ फल देने लगते हैं।

मंत्र और व्रत: शुक्रवार को 'ॐ शुं शुक्राय नमः' मंत्र का जाप करें और संभव हो तो वैभव लक्ष्मी का व्रत रखें।

साफ-सफाई और इत्र: शुक्र को स्वच्छता प्रिय है। स्वयं को साफ-सुथरा रखें और सुगंधित इत्र (Perfume) का प्रयोग करें, इससे शुक्र की ऊर्जा बढ़ती है।

शुक्र के शुभ प्रभाव के लाभ

जब शुक्र ग्रह अनुकूल होते हैं, तो अविवाहित युवाओं के विवाह के योग शीघ्र बनते हैं। कला, संगीत, अभिनय और फैशन जगत से जुड़े लोगों को अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिलती है। साथ ही, व्यक्ति के पास आय के एक से अधिक स्रोत बनते हैं और वह एक विलासितापूर्ण (Luxury) जीवन जीता है।